आईसीसी का पाकिस्तान को अल्टीमेटम! भारत के खिलाफ मैच नहीं खेला तो करोड़ों का रेवेन्यू और क्रिकेट इतिहास पर पड़ेगा असर!

पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ होने वाले ग्रुप स्टेज के मैच को खेलने से मना कर दिया. पाकिस्तान का यह फैसला किसी और के लिए तो नहीं बल्कि खुद पाकिस्तान क्रिकेट के लिए नुकसानदायक होगा. अब आईसीसी ने पाक के इस फैसले पर कड़ा रूख अपनाया है.

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Courtesy: @ACCMedia1 X account

नई दिल्ली: अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) और पाकिस्तान सरकार के फैसले ने वैश्विक क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है. टी20 विश्व कप को लेकर विवाद खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है. जहां एक ओर बांग्लादेश ने पूरे टूर्नामेंट का बहिष्कार कर दिया है तो वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ होने वाले ग्रुप स्टेज के मैच को खेलने से मना कर दिया. पाकिस्तान का यह फैसला किसी और के लिए तो नहीं बल्कि खुद पाकिस्तान क्रिकेट के लिए नुकसानदायक होगा.

अब आईसीसी ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को चेतावनी दी. अगर पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलता है तो आईसीसी पाक टीम पर कड़े प्रतिबंध लगा सकती है. बता दें भारत और पाकिस्तान के बीच यह हाई-वोल्टेज मुकाबला 15 फरवरी को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में निर्धारित है. इस फैसले के बाद आईसीसी ने आधिकारिक तौर पर चिंता जताई है और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) से औपचारिक स्पष्टीकरण का इंतजार कर रही है.

आईसीसी की कड़ी प्रतिक्रिया

आईसीसी पाकिस्तान विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए स्पष्ट किया कि 'चुनिंदा भागीदारी' का यह रुख किसी भी वैश्विक खेल आयोजन के मूल सिद्धांतों से मेल नहीं खाता है. आईसीसी का कहना है कि सभी योग्य टीमों से उम्मीद की जाती है कि वे तय कार्यक्रम के अनुसार समान शर्तों पर प्रतिस्पर्धा में भाग ले. लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है तो उन पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी.

सरकार की भूमिका और आईसीसी का रुख

आईसीसी ने यह भी माना कि राष्ट्रीय नीतियों के मामलों में सरकारों की भूमिका होती है, लेकिन साथ ही यह जोर दिया कि ऐसा निर्णय न तो वैश्विक क्रिकेट के हित में है और न ही दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसकों, खासकर पाकिस्तान के लाखों समर्थकों के लिए फायदेमंद है।

पीसीबी को दी गई चेतावनी

क्रिकेट की वैश्विक संस्था ने पीसीबी से आग्रह किया है कि वह इस फैसले के लॉन्ग टर्म के प्रभावों पर गंभीरता से विचार करे. आईसीसी के अनुसार, यह मामला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट ढांचे को प्रभावित कर सकता है, जिसका पाकिस्तान खुद एक सदस्य और लाभार्थी है.

ICC पाकिस्तान पर लगा सकती है प्रतिबंध

सूत्रों के मुताबिक, अगर पाकिस्तान अपने फैसले पर अड़ा रहता है तो आईसीसी उस पर सख्त कदम उठा सकती है. इनमें पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) के लिए विदेशी खिलाड़ियों को मिलने वाली एनओसी पर रोक, भारी राजस्व नुकसान और यहां तक कि आईसीसी टूर्नामेंटों की मेजबानी के अधिकार छिनने जैसी कार्रवाइयां शामिल हो सकती हैं.

भारत-पाक मुकाबले का महत्व

भारत-पाकिस्तान मैच क्रिकेट की दुनिया का सबसे ज्यादा कमाई करने वाला मुकाबला माना जाता है. इसी वजह से 2012 के बाद से आईसीसी हर बड़े टूर्नामेंट में दोनों टीमों को एक ही ग्रुप में रखती है. ताकि फैंस तो इस इस मैच का लुत्फ उठा ही सकें साथ ही बोर्ड को ज्यादा रिवेन्यु मिल सके.

यदि किसी भी हालत में भारत और पाकिस्तान के बीच यह मैच नहीं खेला जाता है तो यह साल 2010 के बाद पहला पुरुष आईसीसी मामला होगा जब भारत पाकिस्तान आपस में नहीं भिड़ेंगे.