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वर्कआउट के बीच अचानक तेज हो रही दिल की धड़कन? इसे सामान्य समझने की गलती न करें, हो सकती है यह बीमारी!

आज के समय में फिटनेस यानी जिम. जिम में लोग अक्सर नए या बिना किसी जानकारी के वर्कआउट करते हैं.

Calendar Last Updated : 19 January 2026, 04:39 PM IST
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नई दिल्ली: आज के समय में फिटनेस यानी जिम. जिम में लोग अक्सर नए या बिना किसी जानकारी के वर्कआउट करते हैं. इसी वर्कआउट के बीच में अगर आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आप ट्रेडमिल पर दौड़ रहे हों या वजन उठा रहे हों और अचानक आपका दिल किसी इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट की तरह तेजी से धड़कने लगे.

अगर ऐसा हुआ तो सावधान हो जाइए. डॉक्टर चेतावनी दे रहे हैं कि यह केवल थकान या एंग्जायटी नहीं, बल्कि सुप्रावेंट्रिकुलर टैकीकार्डिया SVT नामक एक मेडिकल स्थिति हो सकती है. SVT के मुख्य लक्षणों में दिल का अचानक तेज से फड़फड़ाना. चक्कर आना या सिर हल्का महसूस होना. सीने में बेचैनी या सांस लेने में दिक्कत. धड़कन का आराम करते समय भी अचानक बढ़ जाना.

क्या है SVT

अक्सर वर्कआउट के दौरान हमारी धड़कन धीरे-धीरे बढ़ती है, लेकिन SVT में ऐसा नहीं होता. मैरीलैंड के डॉक्टर कुणाल सूद के अनुसार, "SVT एक ऐसी स्थिति है जहां दिल की धड़कन बिना किसी चेतावनी के अचानक 170 बीट्स प्रति मिनट या उससे ऊपर पहुंच जाती है." डॉ. समझाते हैं कि सामान्य धड़कन धीरे-धीरे बढ़ती और घटती है, लेकिन SVT एक लाइट स्विच' की तरह है अचानक चालू और अचानक बंद. इसमें दिल के ऊपरी चैंबर्स में इलेक्ट्रिकल सिग्नल सामान्य रूप से बहने के बजाय एक तेज़ लूप बनाने लगते हैं, जिससे दिल को असामान्य रूप से तेज़ी से धड़कना पड़ता है.

क्यों आती है यह नौबत?

डॉक्टरों के मुताबिक, आज की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल इसके लिए बड़ी जिम्मेदार है. इसके मुख्य कारणों में शामिल हैं.

ज्यादा कैफीन: कॉफी, एनर्जी ड्रिंक्स या प्री-वर्कआउट सप्लीमेंट्स का अत्यधिक सेवन.

नींद की कमी: कम सोने से तनाव हार्मोन बढ़ते हैं, जो दिल की लय बिगाड़ते हैं.

डिहाइड्रेशन: शरीर में पानी और पोटेशियम या मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी.

तनाव और शराब: अत्यधिक भावनात्मक तनाव या धूम्रपान भी इसे ट्रिगर कर सकते हैं.

अगर अचानक धड़कन बढ़ जाए, तो क्या करें?

डॉ. ने इसे रोकने के लिए कुछ तुरंत उपाय बताए हैं कि  तुरंत वर्कआउट बंद कर दें और आराम करें. मल त्याग करने जैसा जोर लगाना. अचानक चेहरे पर ठंडा पानी डालने से दिल की लय रीसेट हो सकती है. धीरे-धीरे और लंबी गहरी सांसें लें.

कब जाएं डॉक्टर के पास?

यदि आपको ये एपिसोड बार-बार महसूस होते हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें. डॉक्टर इसके निदान के लिए ECG, होल्टर मॉनिटर (24-48 घंटे की ट्रैकिंग) और थायरॉइड टेस्ट की सलाह देते हैं.

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