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ट्रंप का भारत पर गंभीर आरोप, घरेलू आलोचनाओं के बीच नई दिल्ली के साथ व्यापारिक संबंधों को बताया 'एकतरफा आपदा'

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में रूस और चीन के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता की. इसी दौरान ट्रंप की आलोचना और भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है. ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया साइट ट्रुथ सोशल पर लिखा कि भारत हमारे साथ बहुत कम व्यापार करता है, लेकिन हम उनके लिए सबसे बड़े ग्राहक हैं.

Calendar Last Updated : 02 September 2025, 09:49 AM IST
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India US Trade: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को 'एकतरफा आपदा' बताकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है. उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में रूस और चीन के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता की. ट्रंप की आलोचना और भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है. 

ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया साइट ट्रुथ सोशल पर लिखा कि भारत हमारे साथ बहुत कम व्यापार करता है, लेकिन हम उनके लिए सबसे बड़े ग्राहक हैं. उन्होंने भारत पर ऊंचे टैरिफ लगाने का आरोप लगाया और कहा कि इससे अमेरिकी व्यवसाय भारत में सामान नहीं बेच पा रहे हैं. ट्रंप ने इसे 'एकतरफा आपदा' करार दिया और कहा कि यह दशकों से चली आ रही है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपना ज्यादातर तेल और सैन्य उपकरण रूस से खरीदता है, जबकि अमेरिका से बहुत कम खरीदता है. ट्रंप के मुताबिक, भारत ने अब टैरिफ कम करने की पेशकश की है, लेकिन यह कदम बहुत देर से उठाया गया.

अमेरिका के टैरिफ से भारत नाराज

ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 25 प्रतिशत पारस्परिक टैरिफ और रूसी तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया है. इससे भारत पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लागू हो गया है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है. भारत ने इसे 'अनुचित' और 'अन्यायपूर्ण' बताया है. नई दिल्ली का कहना है कि वह अपनी आर्थिक सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा. भारत ने स्पष्ट किया कि वह अपनी नीतियों में बदलाव के लिए किसी बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं करेगा.

पीएम मोदी का सख्त रुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि हम अपने किसानों, पशुपालकों और लघु उद्योगों के हितों की रक्षा करेंगे. मोदी ने चेतावनी दी कि भारत पर दबाव बढ़ सकता है, लेकिन देश इसे सहन करने के लिए तैयार है. उन्होंने तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान रूस और चीन के नेताओं के साथ चर्चा के बाद यह बात दोहराई है. ट्रंप की टिप्पणी और टैरिफ ने भारत-अमेरिका संबंधों में नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं. दोनों देशों के बीच व्यापार संतुलन लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है. भारत का कहना है कि वह वैश्विक व्यापार नियमों का पालन करता है और अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए जरूरी कदम उठाता रहेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि इस विवाद का असर दोनों देशों के आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों पर पड़ सकता है.

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