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नई दिल्ली: अगर कोई कहे कि अब बॉयफ्रेंड भी टैक्सी की तरह कुछ घंटों के लिए बुक किया जा सकता है, तो यह सुनकर हैरानी होना स्वाभाविक है. लेकिन सोशल मीडिया पर इन दिनों 'रेंट ए बॉयफ्रेंड' का ट्रेंड तेजी से चर्चा में है. कई देशों में लोग मूवी देखने, शॉपिंग करने, कॉफी पीने या किसी सोशल इवेंट में साथ जाने के लिए किराए पर बॉयफ्रेंड बुक कर रहे हैं. यही है कि सोशल मीडिया और विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर इस कॉन्सेप्ट को लेकर काफी चर्चा हो रही है.
दरअसल, यह फेसिलिटी डेटिंग से अलग बताई जाती है. इन प्लेटफॉर्म्स का दावा है कि इसका मोतिव रोमांटिक रिलेशन बनाना नहीं, बल्कि लिमिटेड टाइम के लिए किसी व्यक्ति को एक साथी या साथी-सुलभ कंपनी उपलब्ध कराना है. अगर किसी को अकेले किसी इंवेंट में जाने पर अच्छा महसूस नहीं होता या किसी के साथ समय बिताना चाहता है, तो वह कुछ घंटों के लिए यह फेसिलिटी का लाभ ले सकता है.
इन फेसिलिटी से जुड़े ज्यादातर प्लेटफॉर्म्स अपने नियम भी स्पष्ट रूप से बताते हैं. उनके अनुसार, मुलाकातें सार्वजनिक स्थानों पर होती हैं और इस दौरान किसी भी तरह के शारीरिक या निजी संबंध की अनुमति नहीं होती। फेसिलिटी का मोतिव सिर्फ सोशल कंपनी साथ और बातचीत तक सीमित रहता है.
बता दें, इस अनोखे कॉन्सेप्ट की शुरुआत जापान से हुई. वहां बिजी लाइफस्टाइल, बढ़ते अकेलेपन और सीमित सामाजिक मेलजोल के कारण लोगों ने किराए पर साथी, रिश्तेदार या केवल बातचीत के लिए व्यक्ति उपलब्ध कराने जैसी सेवाओं का इस्तेमाल शुरू किया। समय के साथ यही विचार 'रेंटल बॉयफ्रेंड' और 'रेंटल गर्लफ्रेंड' जैसी सेवाओं में बदल गया.
बाद में यूट्यूब, इंस्टाग्राम और टिकटॉक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने इस ट्रेंड को वैश्विक पहचान दिलाई. कई कंटेंट क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स ने अपने एक्सपीरियंस शेयर करते हुए बताया कि उन्होंने किराए पर पार्टनर के साथ कॉफी पी, घूमने गए और सोशल मीडिया पर अपना एक्सपीरियंस पोस्ट किया. इसके बाद यह ट्रेंड कई देशों में चर्चा का विषय बन गया.हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी सेवाओं का उपयोग करते समय लोगों को प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता, सुरक्षा नियमों और अपनी निजी जानकारी की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए.