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'हर हर महादेव' का गूंजा नारा, अमरनाथ यात्रा के लिए पहला जत्था जम्मू से रवाना

हिंदुओं समुदाय के लोगों के लिए 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा पवित्र स्थल है. मान्यता है कि यहाँ भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरता का रहस्य बताया था. इस कारण इसे "अमरनाथ" नाम मिला.

Calendar Last Updated : 02 July 2025, 08:09 AM IST
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Amarnath Yatra: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कैंप से आज अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले यात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दी. आज पहले जत्थे में लगभग 3500 यात्री मंदिर की ओर बढ़े. हवा में हर हर महादेव और बम बम भोले के नारे गूंजे. यह 38 दिवसीय यात्रा दो मार्गों से शुरू हुई: 48 किमी लंबा नुनवान-पहलगाम मार्ग और 14 किमी लंबा बालटाल मार्ग. अधिकांश यात्री बालटाल मार्ग से गुफा मंदिर की ओर बढ़े.  

हिंदुओं समुदाय के लोगों के लिए 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा पवित्र स्थल है. मान्यता है कि यहां भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरता का रहस्य बताया था. इस कारण इसे अमरनाथ नाम मिला. पुराणों के अनुसार, यहां बाबा बर्फानी के दर्शन से काशी के दर्शन से 10 गुना और प्रयाग के दर्शन से 100 गुना अधिक पुण्य मिलता है. ऐसा माना जाता है कि इस गुफा में दर्शन करने से भक्त को मोक्ष की प्राप्ति होती है.  

पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा की खास तैयारी 

पहलगाम में हाल के आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद इस साल यात्रा कड़ी सुरक्षा में हो रही है. कुल 581 अर्धसैनिक बलों की कंपनियाँ तैनात की गई हैं. इनमें 221 सीआरपीएफ कंपनियाँ जम्मू से बालटाल और पहलगाम मार्गों की सुरक्षा कर रही हैं. आईटीबीपी को गुफा मंदिर की सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया है. जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और विशेष दस्ते जगह-जगह पर तैनात हैं.

जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर के-9 कुत्ते दस्तों के साथ गश्त बढ़ाई गई है. खासकर उधमपुर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी है. इस साल अमरनाथ यात्रा के लिए उत्साह चरम पर है. पिछले साल की तुलना में इस साल यात्रियों की संख्या काफी अधिक है. भगवती नगर यात्री निवास देश भर के तीर्थयात्रियों के लिए मुख्य आधार शिविर है. यहाँ से यात्री हिमालय की ओर बढ़ते हैं.  

आध्यात्मिक उत्साह और चुनौतियां  

इसी साल पहलगाम हमला हुआ, हालांकि इसका असर बाबा अमरनाथ के भक्तों पर नहीं देखने को मिला. "हर हर महादेव" के नारों के साथ भक्त बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए उत्साहित हैं. सुरक्षा बलों ने किसी भी खतरे से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं. यह यात्रा भक्ति और सुरक्षा के अनूठे संगम का प्रतीक है. अमरनाथ यात्रा न केवल आध्यात्मिक महत्व रखती है, बल्कि यह भारत की एकता और सांस्कृतिक विरासत को भी दर्शाती है. कड़ी सुरक्षा के बीच यह यात्रा भक्तों को मोक्ष की ओर ले जाने का माध्यम बनेगी. सरकार और प्रशासन ने तीर्थयात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किया है.  

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