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Ayodhya Ram Mandir: प्राण प्रतिष्ठा के लिए सजी अयोध्या नगरी, रामलला की बनी 3 मूर्तियां...जानें कहां-कहां होंगी विराजमान

Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर अयोध्या में अनुष्ठान का आरंभ हो चुका है. आज भगवान रामलला अपने मंदिर में प्रवेश करेंगे.

Calendar Last Updated : 17 January 2024, 01:10 PM IST
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Ayodhya Ram Mandir: भगवान राम की नगरी अयोध्या सज गई है. 22 जनवरी को प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा होगी. वहीं, राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर अयोध्या में अनुष्ठान का आरंभ हो चुका है. इसी क्रम में आज भगवान रामलला अपने मंदिर में प्रवेश करेंगे. राम लला की प्रतिमा को पहले रामजन्मभूमि परिसर का भ्रमण कराया जााएगा. फिर इसके बाद गर्भगृह का शुद्धीकरण होगा और फिर कल यानी गुरुवार वह रामलला गर्भगृह में प्रवेश करेंगे. 

महासचिव चंपत राय मुर्तियों की स्थापना को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि उन दोनों मूर्तियों को भी मंदिर के पहले और दूसरे तल पर रखा जाएगा. उन्होंने बताया कि राम मंदिर की पहली मंजिल जैसे ही तैयार हो जाएगी, श्री राम जन्मभूमि तीरथ क्षेत्र ट्रस्ट अयोध्या में वैदिक अनुष्ठानों के साथ रामलला की बाकी 2 मूर्तियों में से एक को विराजमान करेगा. 

उन्होने बताया कि इसके बाद दिसंबर 2025 तक पूरे मंदिर का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद दूसरी बची हुई मूर्ति को दूसरे और आखिरी मंजिल पर विराजित किया जाएगा. राय ने कहा, ‘उन्हें राजगद्दी पर बैठाते समय भी सभी अनुष्ठान किए जाएंगे.’

अयोध्या में श्री राम की जिन मुर्तियों को स्थापित किया जाएगा, वो तीनों मूर्तियां 51 इंच ऊंची हैं. अयोध्या में राम मंदिर के लिए तीन मूर्तिकारों ने रामलला की तीन अलग-अलग मूर्तियां गढ़ी थीं. मंदिर ट्रस्ट ने 22 जनवरी को राम मंदिर के गर्भगृह में विराजमान करने के लिए कर्नाटक के मूर्तिकार अरुण योगीराज की काले पत्थर की मूर्ति का चयन किया है. अन्य दो मूर्तियों में से एक को कर्नाटक के गणेश भट्ट ने काले पत्थर से और दूसरी को राजस्थान के सत्य नारायण पांडे ने सफेद मकराना संगमरमर से तराशा है. तीनों मूर्तियां 51 इंच ऊंची हैं, जिनमें पांच साल के भगवान राम को दर्शाया गया है.

बता दें श्री राम की तीनों मूर्तियां मुंबई के प्रसिद्ध कलाकार वासुदेव कामथ के स्केच के आधार पर गढ़ी गई है. उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को राम लला के पेंसिल से बने स्केच भेंट किए थे. कर्नाटक के करकला नामक कस्बे में जन्मे कामथ मुंबई में पले-बढ़े. कामथ को पौराणिक कथाओं और ऐतिहासिक विषयों पर आधारित चित्रों के लिए जाना जाता है. उनकी रामायण श्रृंखला की 28 पेंटिंग विश्व स्तर पर प्रसिद्ध हैं. 

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