नई दिल्ली: भारतीय खानपान को दुनिया भर में पहचान दिलाने वाले मशहूर शेफ संजीव कपूर ने अपने जीवन का एक ऐसा किस्सा साझा किया, जो उनके पेशे के प्रति सम्मान और समर्पण को दर्शाता है. पद्म श्री जैसे प्रतिष्ठित सम्मान को प्राप्त करना उनके लिए गर्व का पल था, लेकिन उससे जुड़ी एक दिलचस्प चुनौती ने इस अनुभव को और खास बना दिया.
उन्होंने एक वीडियो में साल 2017 के पद्म श्री सम्मान को याद किया. हालांकि उन्होंने ये सम्मान स्वीकारने से मना कर दिया है. उन्होंने इस पुरस्कार को स्वीकार करने के लिए एक अहम शर्त रखी थी . जब तक उनकी यह शर्त मानी नहीं गई उन्होंने पद्म श्री स्वीकार नहीं किया.
दरअसल शेफ संजीव कपूर पद्म श्री का सम्मान लेने अपनी प्रिय शेफ की ड्रेस पहनकर जाना चाहते थे. क्योंकि उनके लिए यह केवल कपड़ा नहीं, बल्कि उनके पेशे की पहचान है. लेकिन उनसे समारोह में पारंपरिक भारतीय परिधान पहनने के लिए कहा गया. उन्होंने बताया कि, 'मुझे बताया गया कि एक प्रोटोकॉल है और मुझे राष्ट्रीय पोशाक पहननी होगी.'
संजीव ने उस पल को याद करते हुए बताया कि उन्होंने काफी अनुरोध किया. लेकिन प्रोटोकॉल का हवाला देकर उनकी अर्जी अस्वीकार कर दी जा रही थी. हालांकि संजीव भी अपने फैसले पर अड़े रहे. उन्होंने कहा कि उनकी शेफ की ड्रेस ने उन्हें पहचान दिलाया है. वह उनके लिए अमूल्य है. अगर उन्हें उस ड्रेस में सम्मान नहीं मिल सकता है तो वह इस सम्मान को छोड़ने के लिए भी तैयार हैं.
हालांकि बाद में संजीव जब अपने फैसले पर अडिग रहे और सम्मान तक छोड़ने को तैयार हो गए तो उन्हें उनकी ड्रेस में ही पद्म श्री देने का फैसला किया गया. वह अपनी ड्रेस पहनकर ही राष्ट्रपति भवन पहुंचे और बिना किसी रुकावट और विवाद के उन्हें सम्मानित किया गया.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारतीय व्यंजनों में उनके योगदान के लिए शेफ संजीव कपूर को सरकार द्वारा 'भारत के सर्वश्रेष्ठ शेफ' का राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्रदान किया गया है.