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दिल्ली में लगातार बारिश ने बदल दी आबोहवा, लोगों को सांस लेने में आने लगा मजा!

दिल्ली में जुलाई में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई. सफदरजंग मौसम केंद्र ने सामान्य 209.7 मिमी से ज्यादा है. पालम, पूसा और जनकपुरी में भी अच्छी बारिश हुई. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि गुरुवार को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है और शुक्रवार से हल्की बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है.

Calendar Last Updated : 31 July 2025, 09:49 AM IST
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Delhi Air Quality: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने बताया कि जुलाई 2025 में दिल्ली की हवा पिछले एक दशक में सबसे साफ रही. मासिक औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक AQI 79 रहा. इसका मुख्य कारण 31 में से 23 दिन लगातार बारिश होना था. सीपीसीबी के अनुसार, यह पिछले वर्षों की तुलना में काफी बेहतर है. पिछले साल जुलाई में AQI 96 था. सबसे खराब AQI 2016 में 145.64 था.

दिल्ली में 28 दिन 'संतोषजनक' और दो दिन 'मध्यम' AQI वाले रहे. दिल्ली में 15 जुलाई को सबसे साफ हवा थी, जब AQI 51 था. सबसे खराब दिन 26 जुलाई था, जब AQI 136 रहा. पिछले साल जुलाई में 17 'संतोषजनक' और 14 'मध्यम' दिन थे. 

बारिश का योगदान और सरकार की कोशिश

दिल्ली में जुलाई में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई. सफदरजंग मौसम केंद्र ने सामान्य 209.7 मिमी से ज्यादा है. पालम, पूसा और जनकपुरी में भी अच्छी बारिश हुई. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि गुरुवार को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है और शुक्रवार से हल्की बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है. बारिश ने प्रदूषकों को कम करने में बड़ी भूमिका निभाई. दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह सुधार सिर्फ मौसम की वजह से नहीं है. उन्होंने बहु-एजेंसी कार्रवाई, लैंडफिल प्रबंधन, स्वच्छता अभियान और परिणाम-आधारित शासन को श्रेय दिया. उनके अनुसार, 2025 में 23 जुलाई तक 118 दिन 'अच्छी', 'संतोषजनक' या 'मध्यम' AQI वाले रहे, जो 2024 के पूरे साल के बराबर है.

क्या है विशेषज्ञों की राय? 

वायु प्रदूषण विशेषज्ञ अनुमिता रॉयचौधरी ने कहा कि बारिश इस सुधार का मुख्य कारण है. मानसून प्रदूषकों को बहा ले जाता है. उन्होंने बताया कि नीतियों के असर को मापने के लिए सर्दियों का इंतजार करना होगा, जब प्रदूषण बढ़ता है. अभी उत्सर्जन के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए नीतियों का दीर्घकालिक प्रभाव स्पष्ट नहीं है. दिल्ली की हवा में यह सुधार सकारात्मक है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि सर्दियों में प्रदूषण फिर बढ़ सकता है. सरकार को दीर्घकालिक नीतियों पर ध्यान देना होगा. 

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