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दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने CAQM को लिखा पत्र, पुराने वाहनों पर प्रतिबंध को स्थगित करने की मांग

सीएक्यूएम ने अप्रैल में आदेश दिया था कि 1 जुलाई 2025 से पुराने वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा. इनमें 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहन शामिल हैं. यह नियम दिल्ली और बाहर के सभी पुराने वाहनों पर लागू है.

Calendar Last Updated : 03 July 2025, 06:08 PM IST
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Delhi Fuel Ban: दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) से पुराने वाहनों पर ईंधन प्रतिबंध को लागू न करने का आग्रह किया है. यह प्रतिबंध दिल्ली में चल रही पुरानी गाड़ियों पर लागू किया गया है. सिरसा ने कहा कि तकनीकी समस्याओं के कारण यह नियम लागू करना मुश्किल है. 

सीएक्यूएम ने अपने आदेश में कहा था कि1 जुलाई 2025 से पुराने वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा. इनमें 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहन शामिल हैं. यह नियम दिल्ली और बाहर के सभी पुराने वाहनों पर लागू है. दिल्ली में 60 लाख से ज्यादा गैर-पंजीकृत गाड़ियां है. 

प्रतिबंध पर रोक लगाने की मांग

सिरसा ने सीएक्यूएम को पत्र लिखकर प्रतिबंध पर रोक लगाने की मांग की. उन्होंने कहा कि स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) प्रणाली के बिना यह नियम लागू नहीं हो सकता. सिरसा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह नियम लोगों में असंतोष पैदा कर रहा है. दिल्ली सरकार जनता के साथ है. उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार के अन्य प्रयास वायु गुणवत्ता सुधारेंगे. दिल्ली सरकार ने पिछले महीने एक मानक संचालन प्रक्रिया जारी की थी. इसके तहत पेट्रोल पंपों को पुराने वाहनों को ईंधन देने से मना करने को कहा गया. सभी पंपों को अस्वीकृत ईंधन लेनदेन का रिकॉर्ड रखना होगा. पेट्रोल पंपों पर नोटिस भी लगाया गया है, जिसमें लिखा है कि 15 साल पुराने पेट्रोल/सीएनजी और 10 साल पुराने डीजल वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा. 

वायु गुणवत्ता और जनता की सुविधा पर सवाल 

सिरसा ने कहा कि पुराने वाहनों की पहचान के लिए तकनीक तैयार नहीं है. बिना एएनपीआर सिस्टम के यह नियम लागू करना जटिल है. पेट्रोल पंप कर्मचारियों को पुराने वाहनों की पहचान के लिए प्रशिक्षण देने की सलाह दी गई है. लेकिन बिना स्वचालित सिस्टम के यह प्रक्रिया अव्यवहारिक है. यह प्रतिबंध दिल्ली में पुराने वाहनों का इस्तेमाल करने वालों के लिए परेशानी का कारण बना है. कई लोग इसे अव्यवहारिक मानते हैं. सिरसा ने कहा कि सरकार जनता की समस्याओं को समझती है. वे इस नियम को लागू करने से पहले बेहतर समाधान चाहते हैं. 

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