इंडस वाटर ट्रीटी, अटारी चेक पोस्ट...पहलगाम में हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ उठाए सख्त कदम
विदेश मंत्रालय में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में CCS की बैठक की गई. जिसमें पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बारे में विस्तार चर्चा की गई. उन्होंने बताया इस हमले में 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की मौत हुई है. हालांकि कई लोग घायल भी हुए हैं.
Last Updated : 24 April 2025, 07:33 AM IST
Courtesy: Social Media
Pahalgam Terror Attack: जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के दिन ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश यात्री के बीच से ही भारत लौट आएं. जिसके बाद विदेश मंत्रालय ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. जिसमें इस हमले की घोर रूप से निंदा की गई.
विदेश मंत्रालय में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में CCS की बैठक की गई. जिसमें पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बारे में विस्तार चर्चा की गई. उन्होंने बताया इस हमले में 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की मौत हुई है. हालांकि कई लोग घायल भी हुए हैं.
चुनावों के सफल आयोजन और वृद्धि से हताश
CCS बैठक की जानकारी देते हुए विदेश सचिव ने कहा कि इस बैठक में इस हमले की निंदा की गई है, सभी पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद पहुंचाने पर चर्चा की गई. उन्होंने बताया कि इस समय विश्व के कई देशों ने अपना सरमर्थन दिया है. उन्होंने बताया कि इस बैठक में सीमा पार संबंधों को उजागर किया गया है. उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान इस बात पर ध्यान दिया गया कि यह हमला केंद्र शासित प्रदेश में चुनावों के सफल आयोजन और आर्थिक वृद्धि और विकास की दिशा में इसकी निरंतर प्रगति के मद्देनजर हुआ.
भारत सरकार ने उठाए सख्त कदम
विक्रम मिस्री ने कहा कि इस आतंकवादी हमले की गंभीरता को पहचानने के बाद, सीसीएस ने कई निर्णय लिया गया. उन्होंने कहा कि इसमें यह संकल्प लिया गया है कि हमले के अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा और उनके प्रायोजकों को जवाबदेह ठहराया जाएगा. तहव्वुर राणा के हाल ही में प्रत्यर्पण की तरह, भारत उन लोगों की तलाश में लगातार आगे बढ़ेगा जिन्होंने आतंकी वारदातों को अंजाम दिया है या उन्हें संभव बनाने की साजिश रची है.
- हमले के खिलाफ एक्शन लेते हुए सबसे पहले इंडस वाटर ट्रीटी 1960 को तत्तकाल प्रभाव से स्थगित किया गया है. हमने तय किया है जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को अपना समर्थन देना बंद नहीं करता तब तक इस ट्रीटी पर विचार नहीं किया जाएगा.
- इसके अलावा इस बैठक में अटारी चेक पोस्ट को तत्काल प्रभाव से बंद करने का फैसला लिया गया है. जो सीमा पार कर चुके हैं, उन्हें 1 मई 2025 तक वापस आने का आदेश दिया गया है.
- वीजा में दी जाने वाली छूट को रोक दिया गया है. पाकिस्तानी नागरिकों को सार्क वीजा योजना की तहत भारत आने की अनुमति मिलती थी जो अब नहीं मिलेगी. हालांकि जो पहले से आ चुके हैं उन्हें 48 घंटे का समय दिया गया है. इसके बाद इसे वैध नहीं माना जाएगा.
- इसके अलावा भारत सरकार ने पाकिस्तानी उच्चायोग में रक्षा/सैन्य, नौसेना और वायु सलाहकारों को अनवॉटेड घोषित किया गया है उन्हें हमारे देश को छोड़ने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है. वहीं पाकिस्तान से भारतयी सलाहकारों को वापस बुलाया गया है. इस पद को को ही सरकार की ओर से निरस्त कर दिया गया है.
- उच्चायोगों की संख्या में कटौती की जाएगी. 01 मई 2025 से उच्चायोगों की कुल संख्या 55 से घटाकर 30 कर दिया जाएगा.
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