menu-icon
The Bharatvarsh News

ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ही नहीं ISRO का भी बड़ा योगदान, सीमा पर निगरानी के लिए 10 उपग्रहों का कर रहा उपयोग

इसरो प्रमुख वी नारायणन ने कहा कि हमारी 7,000 किलोमीटर लंबी समुद्री सीमा और उत्तरी क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए उपग्रह और ड्रोन तकनीक अनिवार्य है. ये उपग्रह दिन-रात हमारी सीमाओं पर नजर रखते हैं.

Calendar Last Updated : 12 May 2025, 12:16 PM IST
Share:

ISRO: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख वी नारायणन ने कहा कि भारत की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए कम से कम 10 उपग्रह निरंतर निगरानी में जुटे हैं. इम्फाल में केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बोलते हुए उन्होंने पड़ोसी देशों, विशेष रूप से पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच इसरो की भूमिका पर जोर दिया. 

नारायणन ने कहा कि हमारी 7,000 किलोमीटर लंबी समुद्री सीमा और उत्तरी क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए उपग्रह और ड्रोन तकनीक अनिवार्य है. ये उपग्रह दिन-रात हमारी सीमाओं पर नजर रखते हैं.

भारतीय वायु रक्षा प्रणाली को मिली मदद

सेना के अनुसार हाल के दिनों में उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर तनाव के बाद 11 और 12 मई की रात अपेक्षाकृत शांत रही. जम्मू-कश्मीर सहित अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कोई बड़ा उल्लंघन नहीं हुआ. यह शांति 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद शुरू किए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद आई. जिसमें भारत ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों को नष्ट किया था. पाकिस्तान ने इसके जवाब में सीमा पार से गोलीबारी और ड्रोन हमले किए, लेकिन भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने इन्हें नाकाम कर दिया. भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के 11 सैन्य ठिकानों को नष्ट किया, जिससे उनकी सैन्य क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा.

सैन्य संचालन महानिदेशक ने दी जानकारी 

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में सैन्य संचालन महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, नौसेना संचालन महानिदेशक वाइस एडमिरल ए एन प्रमोद और वायु संचालन महानिदेशक एयर मार्शल ए के भारती ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के परिणामों की जानकारी दी. घई ने बताया कि 10 मई को पाकिस्तान की ओर से तनाव करने पर बात कही गई. पाकिस्तानी डीजीएमओ ने ही शत्रुता समाप्त करने का प्रस्ताव रखा था. हालांकि, कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तान ने इस समझौते का उल्लंघन कर ड्रोन घुसपैठ और गोलीबारी की, जिसका भारत ने कड़ा जवाब दिया. घई ने कहा कि 10 मई को 17:00 बजे से गोलीबारी रोकने का समझौता हुआ और 12 मई को आगे की चर्चा का समय तय हुआ. लेकिन पाकिस्तान ने फिर उल्लंघन किया. 'ऑपरेशन सिंदूर' 7 मई को शुरू हुआ था, जिसमें नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया. यह कार्रवाई पहलगाम हमले का जवाब थी. 

सम्बंधित खबर

Recent News