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हिमाचल में बारिश का कहर! 37 की मौत, 400 करोड़ का नुकसान

मंडी जिला बारिश की चपेट में है. थुनाग उपखंड में हालात गंभीर हैं. सड़कें बंद हैं. बिजली और पानी की आपूर्ति ठप है. 40 लोग लापता हैं. एक गांव पूरी तरह तबाह हो गया. राहत शिविर बनाए गए हैं. भारतीय वायु सेना प्रभावित इलाकों में खाना और पीने का पानी पहुंचा रही है.

Calendar Last Updated : 04 July 2025, 07:44 AM IST
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Himachal Pradesh Weather: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और बादल फटने की वजह से भारी तबाही हुई है. अभी तक 37 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. इसके अलावा 400 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति का नुकसान हुआ है. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 7 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है. 

मंडी जिला बारिश की चपेट में है. थुनाग उपखंड में हालात गंभीर हैं. सड़कें बंद हैं. बिजली और पानी की आपूर्ति ठप है. 40 लोग लापता हैं. एक गांव पूरी तरह तबाह हो गया. राहत शिविर बनाए गए हैं. भारतीय वायु सेना प्रभावित इलाकों में खाना और पीने का पानी पहुंचा रही है. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विशेष सचिव डीसी राणा ने कहा कि नुकसान 400 करोड़ से ज्यादा है. हालांकि वास्तविक नुकसान इससे भी ज्यादा का हो सकता है.

राहत और बचाव कार्य तेज

बचाव कार्यों में प्रशासन, पुलिस, होमगार्ड, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ जुटे हैं. पीडब्ल्यूडी, बिजली बोर्ड और जल शक्ति विभाग बहाली में लगे हैं. 250 से ज्यादा सड़कें बंद हैं. 500 से अधिक बिजली ट्रांसफार्मर खराब हैं. 700 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं. डीसी राणा ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारी क्षेत्र में तैनात हैं. हमारा ध्यान बचाव और बहाली पर है. शिमला में बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया. स्कूलों में पानी घुस गया है. कक्षाएं जलमग्न हैं. किताबें और कपड़े भीग गए हैं. छात्रा तनुजा ठाकुर ने कहा कि पानी कक्षाओं में घुस रहा है. शिक्षक हमें घर पर रहने को कह रहे हैं. उन्होंने बताया कि स्कूल पेड़ों से घिरा है. पेड़ गिरने का डर बना रहता है. बच्चे डरे हुए हैं.

जलवायु परिवर्तन का असर

डीसी राणा ने बारिश की तीव्रता को जलवायु परिवर्तन से जोड़ा. उन्होंने कहा रकि ये घटनाएं ग्लोबल वार्मिंग का नतीजा हैं. हिमाचल भी इससे अछूता नहीं है. पर्यावरणीय प्रभावों ने स्थिति को और जटिल बनाया है. विशेषज्ञों का कहना है कि अनियोजित निर्माण और जंगल कटाई ने नुकसान को बढ़ाया है. स्थानीय प्रशासन हाई अलर्ट पर है. आने वाले दिनों में और बारिश की आशंका है. अधिकारी स्थिति पर नजर रख रहे हैं. वहीं लोगों को भी सचेत रहने के लिए कहा गया है. राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए केंद्र सरकार से भी मदद मांगी गई है.

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