Ram Mandir: 'मोदी हिंदू हृदय सम्राट हैं, लेकिन...' राम मंदिर के उद्घाटन से पहले अब शशि थरूर को हुई देश की चिंता

Shashi Tharoor on Ram Mandir: कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा के बाद अब शशि थरूर को राम मंदिर के उद्घाटन से पहले देश की आर्थिक विकास और केंद्र सरकार से सवाल का ख्याल आया है. उन्होंने सरकार से सवाल पूछा कि हर साल 2 करोड़ नौकरियों का क्या हुआ?

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हाइलाइट्स

  • शशि थरूर ने राम मंदिर के उद्घाटन से पहले प्रधानमंत्री से किया सवाल
  • बेरोजगारी और अच्छे दिन पर किया सवाल

Shashi Tharoor on Ram Mandir: अगले साल 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाले राम मंदिर के उद्घाटन को लेकर देश भर में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है. जहां एक ओर बीजेपी इसे अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि के तौर पर देख रही है तो वहीं कांग्रेस राम मंदिर के राष्ट्रीय मुद्दा बनने से परेशान है. जैसे-जैसे रामलला के विराजमान होने की तारीख नजदीक आती जा रही है, वैसे-वैसे कांग्रेस नेताओं को देश की गरीबी और अर्थव्यवस्था परेशान कर रही है. अब इस कड़ी में शशि थरूर का नाम भी जुड़ गया है. शशि थरूर ने राम मंदिर के बहाने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा है. 

'2024 के लिए मंच तैयार कर रहे हैं मोदी'
 
शशि थरूर ने  22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर और इसके कुछ दिन बाद अबू धाबी में बीएपीएस हिंदू मंदिर के उद्घाटन को आने वाले लोकसभा चुनाव के लिए मंच तैयार करना बताया. इसके साथ ही उन्होंने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि मंदिर के उद्घाटन के तुरंत बाद चुनाव की तारीखें घोषित की जाएंगी. उन्होंने प्रधानमंत्री से अच्छे दिनों के बारे में पूछते हुए कहा कि "2024 के लिए नरेंद्र मोदी संदेश देना चाहते हैं कि वह एक हिंदू हृदय सम्राट हैं, लेकिन उन्होंने सवाल किया कि अच्छे दिनों का क्या हुआ?" 

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अबू धाबी में BAPS हिंदू मंदिर का उद्घाटन करने का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है. ये मंदिर संयुक्त अरब अमीरात में सबसे बड़ा हिंदू मंदिर होगा.

प्रधानमंत्री से बेरोजगारी और आर्थिक विकास को लेकर पूछा सवाल 

प्रधानमंत्री पर हमलावर कांग्रेस नेता ने कहा कि 2024 के चुनाव से पहले  नरेंद्र मोदी को हिंदू हृदय सम्राट के रूप में पेश किया जाएगा.  लेकिन  2024 का चुनाव हिंदुत्व बनाम लोकप्रिय कल्याण का होता जा रहा है. इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री से अच्छे दिन के बारे में भी सवाल किया.

उन्होंने पूछा कि "अच्छे दिनों का क्या हुआ? प्रति वर्ष 2 करोड़ नौकरियों का क्या हुआ? आर्थिक विकास का क्या हुआ जिससे सामाजिक-आर्थिक सीढ़ी के निचले पायदानों को फायदा होगा? खर्च योग्य आय को जेब में डालने का क्या हुआ और हर भारतीय के बैंक खाते में 15-15 लाख का क्या हुआ?"

सैम पित्रोदा भी जता चुके हैं चिंता 

शशि थरूर से पहले इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष और गांधी परिवार के करीबी सैम पित्रोदा ने भी राम मंदिर के राष्ट्रीय मुद्दा बनने पर अपनी परेशानी जाहीर की थी. उन्होंने कहा था कि राम मंदिर उद्घाटन का राष्ट्रीय मुद्दा बनना उन्हें परेशान करता है. इतना ही नहीं, उन्होंने ये तक कह डाला कि कभी-कभार मंदिर जाना ठीक है लेकिन प्रधानमंत्री का मंदिर के उद्घाटन में इस तरह से शामिल होना उन्हें परेशान करता है.