लखनऊ: मोबाइल फोन पर ऑनलाइन गेम खेलना अब सिर्फ टाइम पास का ज़रिया नहीं रहा. यह लोगों के लिए एक लत बनते जा रहा है. खासकर युवओं में गेमिंग का चस्का बढ़ता नजर आ रहा है. ऐसे कई मामले रोज भारत में सामने आ रहे हैं, जो मानसिक या शारीरिक रूप से जानलेवा बनती जा रही है. ऐसी ही एक घटना उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुई, जिसने सबको चौंका कर रख दिया है. 22 साल का एक युवक अपने मोबाइल फोन पर PUBG गेम खेलते समय अचानक बीमार पड़ गया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इस दुखद घटना के बाद परिवार सदमे में पहुंच गया है. कैसे चंद पलों में गेमिंग ने एक यवा और उसके परिवार की जिंदगी खत्म कर दी, यह कई लोगों को सोचने पर मजबूर कर रही है.
मृतक की पहचान मोहम्मद कैफ के रूप में हुई है. वह मेरठ के खैरनगर इलाके की गूलर वाली गली का रहने वाला था. कैफ अपने पिता के प्रॉपर्टी डीलिंग के बिजनेस में उनकी मदद करता था. शुक्रवार को वह हमेशा की तरह अपने ऑफिस में बैठा था. वहां वह अपने मोबाइल फोन पर PUBG गेम खेल रहा था. बताया जा रहा है कि 22 साल का कैफ ईयरफोन लगाए हुए थे. वह गेम में पूरी तरह डूबा हुआ था. अचानक नौजवान बेहोश होकर जमीन पर गिर गया.
ऑफिस में मौजूद लोग हैरान रह गए और तुरंत उसकी मदद करने की कोशिश की. उन्होंने कैफ के परिवार को सूचना दी. परिवार उसे पास के डॉक्टर के पास ले गया. वहां उसका ब्लड प्रेशर चेक किया गया, तो सब हैरान रह गए. उसका ब्लड प्रेशर 300 से ज्यादा बताया गया, जिसे बहुत खतरनाक स्थिति माना जाता है. डॉक्टरों ने तुरंत उसे पास के नर्सिंग होम में भर्ती कराया. हालाँकि, उसकी गंभीर हालत के कारण, उसे तुरंत कहीं और रेफर कर दिया गया. इसके बाद परिवार उसे दिल्ली ले गया.
परिवार कैफ को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि उसके दिमाग की एक नस फट गई है. ब्लड प्रेशर में अचानक बढ़ोतरी के कारण ब्रेन हेमरेज हुआ और अंदरूनी ब्लीडिंग होती रही. डॉक्टरों ने दो दिनों तक उसे बचाने की पूरी कोशिश की. उसे ICU में लगातार इलाज मिला, लेकिन रविवार सुबह कैफ की मौत हो गई.
युवक की मौत की खबर से सुनते ही परिवार को गहरा सदमा लगा है. कैफ अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और उसकी एक बहन थी. कुछ समय बाद उसका शव मेरठ लाया गया, तो घर में मातम छा गया. परिवार ने बताया कि कैफ को हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी थी. करीब दस साल पहले उसका ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा बढ़ गया था और तब से उसका इलाज चल रहा था.