menu-icon
The Bharatvarsh News

आगरा में आध्यात्मिक नेता अनिरुद्धाचार्य पर अभद्र टिप्पणी का आरोप, हिंदू महासभा ने दर्ज कराई शिकायत

अनिरुद्धाचार्य एक जाने-माने आध्यात्मिक नेता और वक्ता हैं, जिनकी सोशल मीडिया पर बड़ी फॉलोइंग है. उनके कई प्रवचन वीडियो अक्सर वायरल होते रहते हैं.

Calendar Last Updated : 11 December 2025, 01:24 PM IST
Share:

अखिल भारतीय हिंदू महासभा की आगरा ज़िला अध्यक्ष मीरा राठौर ने आध्यात्मिक नेता और लोकप्रिय प्रवचक अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. आरोप है कि उन्होंने महिलाओं को लेकर कथित रूप से अपमानजनक और अभद्र टिप्पणी की. 

यह शिकायत मथुरा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट में दायर की गई, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया है. मामले की अगली सुनवाई 1 जनवरी 2026 को निर्धारित की गई है, जहां शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए जाएंगे.

अनिरुद्धाचार्य कौन हैं?

अनिरुद्धाचार्य एक जाने-माने आध्यात्मिक नेता और वक्ता हैं, जिनकी सोशल मीडिया पर बड़ी फॉलोइंग है. उनके कई प्रवचन वीडियो अक्सर वायरल होते रहते हैं. उनकी आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, वे “समाज सेवा, सनातन संस्कृति और नैतिक मूल्यों के प्रचार” के लिए समर्पित हैं. वेबसाइट में बताया गया है कि उनका जन्म मध्य प्रदेश के सिरोहा तहसील के रेवझा गांव में राम नरेश तिवारी और छाया बाई के घर हुआ था.

वे कई सामाजिक सेवाओं से जुड़े हैं, जिनमें वृद्धाश्रम, भोजन सेवा और पशु सेवा शामिल है. उनकी अन्नपूर्णा रसोई प्रतिदिन 3,000 से 5,000 लोगों तक मुफ्त भोजन पहुंचाती है. वेबसाइट में उल्लेख है कि इसका उद्देश्य समाज के जरूरतमंद लोगों को भोजन प्रदान कर “समुदाय भावना को मजबूत करना” है.

विवादित टिप्पणियां वायरल

अनिरुद्धाचार्य विवादित बयानों को लेकर पहले भी सुर्खियों में रहे हैं. उनके वीडियो इंटरनेट पर तेजी से फैलते हैं, जिनमें कई बार उनकी टिप्पणियों पर सवाल उठते रहते हैं. शिकायतकर्ता मीरा राठौर ने बताया कि उन्होंने पहले वृंदावन पुलिस स्टेशन में भी शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद उन्होंने अदालत का सहारा लिया. ANI से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए. मैंने कसम खाई थी कि जब तक उन्हें जेल नहीं भेजा जाता, मैं अपनी चोटी नहीं खोलूंगी. अब लगता है कि मेरी चोटी खोलने का समय आ गया है.

मीरा राठौर के वकील मनीष गुप्ता ने बताया कि कोर्ट ने इस मामले में पुलिस से जांच रिपोर्ट मांगी थी. जांच रिपोर्ट में आरोपियों ने अपने बचाव में आर्टिकल 14, 15, 21 और 29 का हवाला दिया, लेकिन रिपोर्ट में यह भी दर्ज है कि वे इन संवैधानिक दावों पर खरे नहीं उतरे. उन्होंने यह भी कहा कि आरोपियों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी है.

सम्बंधित खबर

Recent News