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Hit And Run Law: केंद्रीय गृह मंत्रालय नें लिखी चिट्ठी, अभी नहीं लागू होगा 'हिट एंड रन' कानून

Hit And Run Law: हिट एंड रन मामले पर ट्रक हड़ताल के मद्देनजर ट्रांसपोर्ट संगठनों और सरकार के बीच बैठक में मामले को सुलझा लिया गया है वगहीन इस दौरान. केंद्रीय गृह मंत्रालय, ने  लिखित चिट्ठी जारी करते हुए कहा है की हिट एंड रन मामलों के लिए लाये गए कानून को अभी लागू नहीं किया गया है.

Calendar Last Updated : 09 January 2024, 07:52 PM IST
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हाइलाइट्स

  • केंद्रीय गृह मंत्रालय नें लिखी चिट्ठी
  • अभी नहीं लागू होगा हिट एंड रन कानून

Hit And Run Law: हिट एंड रन मामले पर ट्रक हड़ताल के मद्देनजर ट्रांसपोर्ट संगठनों और सरकार के बीच बैठक में मामले को सुलझा लिया गया है. वहीं इस दौरान. केंद्रीय गृह मंत्रालय, ने लिखित चिट्ठी जारी करते हुए कहा है की हिट एंड रन मामलों के लिए लाये गए कानून को अभी लागू नहीं किया गया है. भारत सरकार का संबंधित विभाग इस कानून को लागू करने से पहले अखिल भारतीय मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के प्रतिनिधियों से बातचीत करेगी और उसके बाद ही इस पर फैसला किया जाएगा.

बता दें कि ट्रांसपोर्ट संगठनों ने ट्रक मालिकों से हड़ताल को वापस लेने के लिए कहा है. ड्राइवरों द्वारा देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के बीच केन्द्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने बीते दिन बुधवार की  शाम को ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के सदस्यों से मुलाकात की थी.  बैठक के बाद ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने ट्रक मालिकों से काम पर लौटने के लिए कहा था. वहीं, अजय भल्ला ने भी कहा कि फिलहाल यह कानून अभी लागू नहीं किया जाएगा. 

केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने क्या कहा?

केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा था , “हमने ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के प्रतिनिधियों से चर्चा की. सरकार कहना चाहती है कि नया नियम अभी लागू नहीं किया गया है, हम सभी कहना चाहते हैं कि भारतीय न्याय संहिता 106/2 लागू करने से पहले हम ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करेंगे और उसके बाद ही हम कोई निर्णय लेंगे.”

बता दें कि भारत सरकार ने भारतीय न्याय संहिता के तहत हिट एंड रन के मामले में 10 साल की सज़ा सात लाख का जुर्माने का प्रावधान किया था.  उसके बाद ट्रक ड्राइवर ने राष्ट्रीय स्तर पर 1 जनवरी से लेकर 3 जनवरी तक इस कानून के विरोध में हड़ताल की घोषणा की थी. उसके बाद सरकार ने यूनियन के नेताओं से बातचीत के बाद इस कानून को लागू करने पर रोक लगा दी थी. 

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