नई दिल्ली: लगातार आलोचनाओं, टीम से अंदर-बाहर होने और तमाम उतार-चढ़ाव के बीच, संजू सैमसन ने एक ऐसी पारी खेली जिसने न सिर्फ मैच का रुख बदला बल्कि उनके करियर को लेकर उठ रहे सवालों भी पूर्णविराम लगा दिया. संजू को हमेशा टीम में जगह बनाने के लिए खुद को साबित करना पड़ता है.
हालांकि अब वेस्टइंडीज के खिलाफ 97 रनों की शानदार नॉक खेलने के बाद चारो ओर अब उनकी ही चर्चा हो रही है. अब इसी दौरान टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने संजू को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने कहा कि इसमें कोई दोराय नहीं है कि संजू सैमसन एक प्रतिभासशाली खिलाड़ी हैं.
कोच गौतम गंभीर ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बातका भी जिक्र किया कि आखिर क्यों सैमसन को टीम से ड्रॉप किया था. उन्होंने न्यूजीलैंड सीरीज का हवाला देते हुए कहा कि, 'एशिया कप के दौरान बल्लेबाजी क्रम में बदलाव से उनकी लय प्रभावित हुई थी. इसके बाद न्यूजीलैंड सीरीज में उन्हें पूरे मौके मिले, लेकिन रन नहीं आए.
टी20 विश्व कप के पहले मैच में भी उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली. बाद में अभिषेक शर्मा की तबीयत खराब होने पर नामीबिया के खिलाफ मौका मिला, फिर बाहर होना पड़ा. रिंकू सिंह के पारिवारिक कारणों से अनुपलब्ध होने और टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की अधिकता को संतुलित करने के लिए आखिरकार सैमसन को दोबारा शामिल किया गया.'
🚨GAUTAM GAMBHIR ON SANJU SAMSON INNING.🚨
— Sam (@Cricsam01) March 2, 2026
🎙️: "Sanju has 3 T20I Hundreds, we always knew his talent, he had a tough series vs NZ sometimes it's important to give a break but we always knew, whenever we need him in the WC game, he will come & deliver".🔥pic.twitter.com/m2ImqH6kpZ
गंभीर ने कहा कि टीम के हर खिलाड़ी से लगातार बात की जा रही थी. उन्होंने याद दिलाया कि सैमसन के नाम तीन टी20 शतक हैं, जो उनकी काबिलियत का प्रमाण है. उनका मानना है कि जिम्बाब्वे के खिलाफ 15 गेंदों पर 24 रनों की तेज पारी ने ही आत्मविश्वास की नींव रखी थी.
करियर में लगातार उतार चढ़ाव आने के बाद भी संजू ने कभी भरोसा और आत्मविश्वास नहीं खोया. उन्हें जब वेस्टइंडीज के खिलाफ मौका मिला तो उन्होंने अपनी क्लास दिखाई. उस मैच में भारत को ऐसे ही किसी अनुभवी खिलाड़ी की आवश्यकता थी जोकि क्रीज पर रहकर सूझबूझ के साथ पारी को संभाल सके और सैमसन ने बिलकुल वैसा ही किया.
बता दें वेस्टइंडीज के खिलाफ सैमसन का स्ट्राइक रेट लगभग 194 रहा, हालांकि उन्होंने जल्दबाजी नहीं की. गंभीर ने कहा कि उन्होंने गेंद को जोर से मारने के बजाय सहज शॉट खेले और परिस्थिति पर नियंत्रण में बनाए रखा.