नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज जीतने के बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास काफी मजबूत नजर आ रहा था. लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज में भारत को 2-1 से हार का सामना करना पड़ा. यह पिछले तीन साल में भारत की अपने घर में पहली वनडे सीरीज हार रही.
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने ही भारत को घरेलू मैदान पर हराया था. न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली इस हार ने टीम इंडिया की कमियों की पोल खोल दी है. टीम में कई कमियां जिन पर टीम को मिलकर काम करना जरूरी है. इन कमियों पर अब टीम मैनेजमेंट को दोबारा विचार करने की आवश्यकता है. कीवी के खिलाफ हार का कोई एक कारण नहीं है कई बड़ी वजह रहीं जिस कारण भारतीय टीम को ये सीरीज गंवाना पड़ा.
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा इस सीरीज में आउट ऑफ फॉर्म रहे. रोहित को जिस आक्रमकता के लिए जाना जाता है वह इस सीरीज में पूरी तरह से ही लय से बाहर रहे. पावर प्ले में रोहित का खौफ देखने को नहीं मिला. आमतौर पर तेज़ शुरुआत करने वाले रोहित इस बार पावरप्ले में दबाव में नजर आए. रोहित तीनों में से किसी भी मैच में क्रीज पर ज्यादा देर तक टिक नहीं सके. उन्होंने इस दौरान 26, 24 और 11 रनों की छोटी पारी खेली. रोहित द्वारा धीमी शुरुआत और रन बनाने के कारण पूरा दबाव शुभमन गिल और विराट कोहली पर पड़ा.
रवींद्र जडेजा का नाम विश्व के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडरों में शुमार है. लेकिन जड्डू इस बार कहीं खोए से नजर आए. वह इस सीरीज में न तो बल्ले से और न ही गेंद से प्रभाव छोड़ सके. मध्य ओवरों में वह न तो विकेट ले पाए और न ही रन रोक सके. इसके अलावा वह बल्ले से भी भारत के लिए किफायती साबित नहीं हो सके. तीसरे वनडे में उन्होंने 6 ओवर में 41 रन दिए और कोई विकेट नहीं ले सके.
बल्लेबाजी में भी जडेजा का प्रदर्शन निराशाजनक रहा. उनके कम रन बनाने से टीम को मध्य क्रम में मजबूती नहीं मिल पाई, जिससे उनके वनडे भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं.
इस सीरीज में भारत का मध्य क्रम भी बड़ी समस्या बनकर उभरा है. खासकर तीसरे वनडे में टीम की हालत जल्दी खराब हो गई. विराट कोहली के अलावा कोई भी बल्लेबाजी ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सका.
एक समय भारत बिना विकेट खोए 28 रन पर था, लेकिन कुछ ही ओवरों में भारत का स्कोर 71 रन पर 4 विकेट हो गया. श्रेयस अय्यर और केएल राहुल अहम मौके पर कुछ खास नहीं कर सके.
न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली इस हार ने साफ कर दिया है कि भारतीय टीम को अपनी रणनीति और कॉम्बिनेशन पर फिर से काम करना होगा. खासकर पावरप्ले, मीडिल ओवर्स और ऑलराउंडरों के प्रदर्शन में सुधार जरूरी है.