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मध्य प्रदेश श्रम विभाग का टोल-फ्री नंबर बना श्रमिकों का सशक्त सहारा, एक कॉल पर मिल रहा समस्याओं का त्वरित समाधान

मध्य प्रदेश शासन के श्रम विभाग द्वारा प्रदेश के श्रमिकों और कर्मचारियों की श्रम संबंधी समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से शुरू किया गया.

Calendar Last Updated : 30 January 2026, 07:50 PM IST
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भोपालः मध्य प्रदेश शासन के श्रम विभाग द्वारा प्रदेश के श्रमिकों और कर्मचारियों की श्रम संबंधी समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से शुरू किया गया. राज्य स्तरीय श्रम कंट्रोल रूम श्रमिकों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रहा है. श्रमिक अब अपनी शिकायतें टोल-फ्री नंबर 1800 233 8888 पर दर्ज करा सकते हैं, जहां उनकी समस्याओं पर समयबद्ध कार्रवाई की जा रही है.

शिकायतों का तेजी से हो रहा समाधान

राज्य स्तरीय श्रम कंट्रोल रूम में 30 जनवरी तक कुल 115 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 86 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है. शेष 29 शिकायतें प्रक्रियाधीन हैं. इन मामलों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित जिलों और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं.

श्रम मंत्री का बयान

श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि श्रम विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि श्रमिकों की प्रत्येक शिकायत पर संबंधित श्रम कानूनों के अंतर्गत निष्पक्ष और समयबद्ध कार्रवाई हो. शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग भी की जा रही है ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो.

इन समस्याओं के लिए कर सकते हैं कॉल:

    •    मजदूरी का भुगतान न होना या विलंब से भुगतान.
    •    न्यूनतम वेतन अधिनियम से संबंधित शिकायतें.
    •    सेवा समाप्ति, निलंबन एवं सेवा शर्तों से जुड़े विवाद.
    •    कार्य समय, साप्ताहिक अवकाश और ओवरटाइम से संबंधित समस्याएं.
    •    महिला श्रमिकों, संविदा कर्मियों एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों से जुड़े मुद्दे.

इसके अलावा श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित श्रम कल्याण मंडल, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल, असंगठित कर्मकार कल्याण मंडल से संबंधित विषयों तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी और शिकायतें भी इस टोल-फ्री नंबर पर दर्ज कराई जा सकती हैं.

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