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नई दिल्ली: 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए दिल्ली पुलिस आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है. इस बार सुरक्षा व्यवस्था में अभिज्ञान ऐप (Abhigyan App) भी अहम भूमिका निभाएगा. वीआईपी, वीवीआईपी और हजारों आम दर्शकों की मौजूदगी के बीच यह ऐप संदिग्ध लोगों की पहचान करने में सुरक्षा बलों की मदद करेगा.
अभिज्ञान ऐप स्मार्ट पुलिसिंग से जुड़ी एक आधुनिक तकनीकी व्यवस्था है. इसकी मदद से सुरक्षाकर्मी मौके पर ही किसी संदिग्ध व्यक्ति के संभावित आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर सकते हैं. इसके लिए पुलिसकर्मियों को विशेष हैंडहेल्ड बायोमेट्रिक डिवाइस उपलब्ध कराए जाते हैं. अगर भीड़ में किसी व्यक्ति की गतिविधि संदिग्ध लगती है, तो सुरक्षाकर्मी उसके फिंगरप्रिंट को डिवाइस के जरिए स्कैन कर सकते हैं.
फिंगरप्रिंट स्कैन होने के बाद अभिज्ञान ऐप बैकएंड में मौजूद बड़े अपराधी डेटाबेस में संबंधित जानकारी तलाशता है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस डेटाबेस में एक करोड़ से ज्यादा अपराधियों का रिकॉर्ड मौजूद है.
सिस्टम स्कैन किए गए फिंगरप्रिंट का डेटाबेस से मिलान करता है और कुछ ही सेकंड में परिणाम सामने आ जाता है. इससे पुलिस को मौके पर ही आगे की कार्रवाई तय करने में मदद मिल सकती है.
अभिज्ञान ऐप की खासियत इसका कलर कोड सिस्टम है. अगर स्कैन किए गए फिंगरप्रिंट का किसी दर्ज आपराधिक रिकॉर्ड से मिलान होता है, तो स्क्रीन पर लाल सिग्नल दिखाई देता है. इसके साथ संबंधित व्यक्ति की उपलब्ध आपराधिक जानकारी भी सामने आ सकती है. वहीं, अगर डेटाबेस में कोई आपराधिक रिकॉर्ड मैच नहीं होता है, तो सिस्टम हरा सिग्नल दिखाता है.
स्वतंत्रता दिवस के दौरान लाल किले पर भारी संख्या में लोग पहुंचते हैं. ऐसे में हर संदिग्ध व्यक्ति को पुलिस स्टेशन ले जाकर जांच करना व्यावहारिक नहीं है. अभिज्ञान ऐप की मदद से शुरुआती जांच मौके पर ही की जा सकती है.
लाल किले की सुरक्षा में इसके साथ फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) कैमरे और एंटी-ड्रोन सिस्टम जैसी तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. इन सभी व्यवस्थाओं का उद्देश्य किसी संभावित खतरे की पहचान जल्द करना और स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सुरक्षा को मजबूत बनाए रखना है.