Courtesy: AI Genertaed Image
नई दिल्ली: वैश्विक पटल पर मंडराते युद्ध के बादलों और अमेरिका-ईरान के बीच गहराते तनाव ने दुनिया भर के वित्तीय बाजारों में गहरी अनिश्चितता पैदा कर दिया है. इस भू-राजनीतिक उथल-पुथल का सीधा असर अब भारतीय सर्राफा बाजार पर साफ नजर आ रहा है. अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट से मिले मजबूत संकेतों के बाद देश में सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर जोरदार उछाल दर्ज किया गया है.
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर कारोबार का हाल
अगस्त डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव में 1.03 फीसदी यानी 1,460 रुपये की भारी तेजी आई, जिससे यह इंट्राडे में 1,42,848 रुपये प्रति 10 ग्राम के शिखर पर पहुंच गया. सत्र के अंत में पीली धातु 0.96 फीसदी की बढ़त के साथ 1,42,741 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई.
चांदी की कीमत
दूसरी ओर, सफेद धातु यानी चांदी में भी खरीदारों की जबरदस्त दिलचस्पी दिखी. सितंबर डिलीवरी वाली चांदी 1.54 फीसदी यानी 3,380 रुपये उछलकर 2,21,780 रुपये प्रति किलोग्राम के ऊंचे स्तर को छू गई. बाजार बंद होने पर चांदी 1.37 फीसदी की मजबूती के साथ 2,21,402 रुपये प्रति किलोग्राम पर टिकी रही.
प्रमुख महानगरों में सोने के खुदरा भाव
देश के विभिन्न महानगरों में 23 जुलाई को सोने की कीमतें इस प्रकार दर्ज की गई हैं.
चांदी की चमक
23 जुलाई को देश भर में चांदी के हाजिर भाव 240.10 प्रति ग्राम और 2,40,100 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गए हैं. चांदी को सोने की तुलना में सस्ता विकल्प माना जाता है, लेकिन भारत जैसे देशों में पारंपरिक आभूषणों के साथ-साथ इसका निवेश के रूप में भी एक बड़ा बाजार है. वर्तमान समय में चांदी की कीमतें तय करने में केवल वैश्विक निवेशकों की भावनाएं ही नहीं, बल्कि औद्योगिक और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की मांग भी अहम भूमिका निभा रही है. इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर एनर्जी और तकनीकी उद्योगों में चांदी की बढ़ती खपत ने इसकी कीमतों को एक नए पायदान पर ला खड़ा किया है.
बाजार का रुख और निवेशकों का रुझान
युद्ध के हालातों के चलते अन्य एसेट क्लासेज में आई अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश के रूप में निवेशकों का भरोसा सोने और चांदी पर लगातार मजबूत हो रहा है. जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता, तब तक बुलियन मार्केट में इसी प्रकार की तेजी और उतार-चढ़ाव बने रहने की पूरी संभावना है.