Hania Aamir: पाकिस्तानी एक्ट्रेस हनिया आमिर के नाम से कुछ दिनों पहले पहलगाम आतंकी हमले के लिए पाकिस्तानी सेना को जिम्मेदार ठहराने वाले एक फर्जी पोस्ट वायरल हुई है. जिसपर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए हानिया ने स्पष्ट किया कि यह पोस्ट पूरी तरह से मनगढ़ंत है और उनके विचारों या विश्वासों को नहीं दर्शाती है.
भारत की जनता से अपार प्यार हासिल करने वाली हनिया ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए अपना बयान जारी किया है. हालांकि हानिया का अकाउंट भारत में ब्लॉक कर दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद उनके इस स्टोरी के स्क्रीनशार्ट को एक्स पर काफी जोर-शोर से शेयर किया जा रहा है. उन्होंने बिना सबूत के आरोप लगाने वालों पर हमला बोलते हुए इसे गलत बताया है.
हनिया ने अपने इंस्टा स्टोरी में कहा कि मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया और न ही मैं इस तरह के शब्दों का समर्थन करती हूं. यह पूरी तरह से झूठा है और मेरे व्यक्तित्व व विश्वासों का गलत तरीके से दिखाने की कोशिश की जा रही है. हानिया के नाम पर शेयर किए गए फर्जी पोस्ट में दावा किया गया था कि 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले के पीछे पाकिस्तानी सेना और इस्लामी आतंकवादी थे. इस हमले को पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों ने अंजाम दिया था. इसी वायरल पोस्ट को लेकर हानिया ने सफाई दी.
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाए है. जिसके तहत भारत की ओर से सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया गया. इसके अलावा पाकिस्तानियों का वीजा रद्द और पड़ोसी मुल्कर के साथ राजनयिक संबंध भी खत्म कर दिए गए. इतना ही नहीं इस हमले का असर पाकिस्तान के एंटरटेनमेंट सेक्टर भी पड़ा है. पहलगाम हमले के बाद भारत ने हनिया आमिर, माहिरा खान और अली जफर जैसे 16 से अधिक पाकिस्तानी सितारों के यूट्यूब चैनल और इंस्टाग्राम अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया है.
बॉलीवुड गानों पर रील्स बनाने के लिए मशहूर हनिया ने अपने बयान में जोर देकर कहा कि 'चरमपंथी गतिविधियां' किसी भी देश या उस देश के लोगों का प्रतिनिधित्व नहीं करती है. उन्होंने आगे कहा कि बिना सबूत के आरोप लगाना केवल समाज को बांटने का काम करता है. साथ ही हनिया ने पहलगाम हमले में मारे गए 'निर्दोष लोगों' के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और इस त्रासदी का राजनीतिकरण न करने की अपील की है.