व्हाइट हाउस में गोलीबारी के बाद इन पांच देशों की अमेरिका में नो एंट्री, दूसरों के लिए यात्रा नियम सख्त

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से कई देशों को अमेरिका में एंट्री लेने पर रोक लगाया है. इसके अलावा कई देशों पर आंशिक रूप से रोक लगाई गई है.

Calendar
फॉलो करें:
Courtesy: X (@Maga_Trigger)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल के शुरुआत से ही अमेरिका आने वाले प्रवासियों को लेकर सख्त हैं. ट्रंप प्रशासन की ओर से अब यात्रा प्रतिबंध को और भी सख्त कर दिए गए है. मंगलवार को नए देशों को लिस्ट में जोड़ा गया. यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत करने के लिए उठाया गया.

थैंक्सगिविंग वीकेंड से पहले वाशिंगटन में बड़ी घटना हुई. दो नेशनल गार्ड सदस्यों पर गोली चलाई गई, जिसमें एक की मौत हो गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल हुआ. इस घटना को लेकर फगान नागरिक रहमानुल्लाह लकनवाल पर संदेह जताया गया है. 

ट्रंप प्रशासन ने क्यों सख्त किए नियम 

लकनवाल  29 साल  का है और 2021 में अफगानिस्तान से 2021 में अमेरिका आया था. वह पहले अफगान सेना की एलीट यूनिट में था. अमेरिकी फोर्स के साथ काम करता था. वाशिंगटन राज्य में अपनी पत्नी और पांच बच्चों के साथ रहता था. उसे अमेरिका में बसने में दिक्कत हो रही थी, मानसिक तनाव था. इस घटना से इमिग्रेशन पर सख्ती बढ़ गई. जून में ट्रंप ने 12 देशों पर पूरी रोक लगाई थी, सात देशों पर आंशिक प्रतिबंध थे. पूरी रोक वाले देश में अफगानिस्तान, म्यांमार, चाड, कांगो गणराज्य, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन शामिल है.

वहीं आंशिक रोक वाले देशों में बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेजुएला शामिल है. अब पूरी यात्रा प्रतिबंध की लिस्ट में पांच नए देश जोड़े गए. जिसमें बुर्किना फासो, माली, नाइजर, दक्षिण सूडान और सीरिया शामिल है. साथ ही फिलिस्तीनी अथॉरिटी के दस्तावेजों पर यात्रा करने वालों पर भी पूरी रोक. लाओस और सिएरा लियोन पर पहले आंशिक रोक थी, जो की अब पूरी कर दी गई. 

15 देशों पर आंशिक प्रतिबंध

आंशिक यात्रा प्रतिबंध अब 15 नए देशों पर लगाए गए. इनमें अंगोला, एंटीगुआ और बारबुडा, बेनिन, आइवरी कोस्ट, डोमिनिका, गैबॉन, गैंबिया, मलावी, मॉरिटानिया, नाइजीरिया, सेनेगल, तंजानिया, टोंगा, जाम्बिया और जिम्बाब्वे  शामिल हैं. कुल मिलाकर अब 39 देशों पर पूर्ण या आंशिक प्रतिबंध हैं.व्हाइट हाउस ने कहा कि यह कदम प्रवेश मानकों को सख्त करने के लिए है. कई देशों में दस्तावेज विश्वसनीय नहीं हैं, भ्रष्टाचार ज्यादा है जिसकी वजह से सुरक्षा जांच मुश्किल हो जाती है. इससे अमेरिका की सुरक्षा सुनिश्चित होगी. यह बदलाव राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर हैं. लेकिन कई लोग इसे विवादास्पद बता रहे हैं.

Tags :