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डोनाल्ड ट्रम्प ने खुद को बताया आईवीएफ का जनक, कमला हैरिस ने किया पलटवार

अमेरिका चुनाव में अब महज कुछ महीनों का समय बचा है. ऐसे में सभी डोनाल्ड ट्रम्प और कमला हैरिस दोनों ने ही प्रचार की गति को तेज कर दी है. ट्रम्प ने महिला टाउन हॉल में इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन के बारे में बात करते हुए खुद को IVF का जनक बताया है. जिसपर कमला हैरिस ने भी पलटवार किया.

Calendar Last Updated : 17 October 2024, 07:14 AM IST
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US Presidential Elections: अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर दिन-प्रतिदिन हलचल बढ़ती ही जा रही है. चुनाव में अब महज तीन सप्ताह का समय बचा है. ऐसे में सभी नेता अपनी आखिरी कोशिश में जुटे हैं. हालांकि राष्ट्रपति के रेस में कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रंप के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलने वाला है. ट्रम्प भी इन दिनों हर मुद्दों पर खुल कर बात करते नजर आ रहे हैं. इसी बीच उनके द्वारा दिया गया एक बयान काफी चर्चे में है. 

पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने महिला टाउन हॉल में इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन के बारे में बात करते हुए खुद को IVF का जनक बताया है. उन्होंने आईवीएफ के मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि हम इसके बारे में बात करना चाहते हैं. हम इसके पक्षधर हैं, हम चाहते हैं कि इस मुद्दे पर खुल कर चर्चा हो. 

कमला ने किया पलटवार

जॉर्जिया के मतदाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैं आईवीएफ प्रक्रिया के समर्थन में हूं. ट्रम्प द्वारा इस मुद्दे पर तर्क दिया जाता है कि आईवीएफ और अन्य उपचार परिवार के हित में हैं और इन्हें गर्भपात के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। वहीं हैरिस लंबे समय से रिप्रोडक्टिव राइट की समर्थक रही हैं . जिनमें गर्भपात, जन्म नियंत्रण, गर्भपात की दवा और प्रजनन उपचार भी पहुंच शामिल है. हैरिस ने ट्रंम्प के इस दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी शेयर किया.

अलबामा कोर्ट का फैसला

उन्होंने इस मुद्दे पर तब समर्थन किया जब कुछ रिपोर्ट में कहा गया कि कुछ महिलाएं राज्य में प्रजनन उपचार पर संभावित प्रतिबंधों को लेकर चिंतित हैं. आईवीएफ का मुद्दा चुनावी मुद्दा तब बना जब अलबामा कोर्ट के एक फैसले में कहा गया कि आईवीएफ के लिए फ्रोजेन और संग्रहीत भ्रूणों को बच्चे माना जाना चाहिए. जिससे थाविंग प्रक्रिया में भ्रूण के नष्ट होने की स्थिति में क्लीनिकों पर गलत मृत्यु दावों की अनुमति दी जा सकती है.  यह फैसला अजन्मे बच्चे के अधिकारों और उसकी पवित्रता को बनाए रखने के लिए दिया गया था. 

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