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नई दिल्ली: रविवार, 07 जून 2026 की रात उत्तरी इज़राइल में अचानक हवाई हमले के सायरन बजने लगे। ईरान ने इज़राइल की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह 8 अप्रैल को सीज़फायर लागू होने के बाद ईरान की तरफ से इज़राइल पर पहला सीधा हमला है।
हमला इज़राइल द्वारा बेरूत के दक्षिणी इलाकों में हवाई हमले करने के कुछ घंटे बाद हुआ। इज़राइली सेना ने कहा कि उसने ईरान से आ रही मिसाइलों का तुरंत पता लगा लिया और एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए। कई इलाकों में लोगों को अलर्ट जारी किया गया और सायरन बजने लगे।
इज़राइली सेना ने सोशल मीडिया पर बताया कि IDF ने ईरान से दागी गई मिसाइलों की पहचान कर ली थी। डिफेंस सिस्टम ने खतरे को रोकने के लिए काम किया और अब तक दागी गई सभी मिसाइलों को रोक दिया गया।
सेना के मुताबिक अभी तक किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। सेना ने यह भी कहा कि वह ईरान की तरफ से दागी जा सकने वाली और मिसाइलों पर नजर रख रही है।
ईरान ने पहले ही चेतावनी दे रखी थी कि अगर इज़राइल बेरूत पर हमला करता है तो जवाब दिया जाएगा। दक्षिणी लेबनान में इज़राइल के सैन्य अभियान को लेकर ईरान ने अमेरिका से हो रही अप्रत्यक्ष बातचीत भी रोक दी थी।
डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप के बाद इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच आंशिक सीज़फायर हुआ था, लेकिन उसी दिन दोनों पक्षों ने हमले जारी रखे और समझौता टूट गया।
रविवार को इज़राइल ने बेरूत के दहियाह जिले को निशाना बनाया, जिसे हिज़्बुल्लाह का गढ़ माना जाता है। इसके कुछ घंटे बाद ही ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
गौरतलब है कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि IRGC एयरोस्पेस फोर्स ने इज़राइल के रामत डेविड एयर बेस को निशाना बनाया। खातम अल-अंबिया फोर्स के कमांडर ने कहा कि इज़राइल ने बेरूत के बाहरी इलाकों और दक्षिणी लेबनान में हमले बढ़ाकर सभी सीमाएं पार कर दी हैं।
ईरानी कमांडर ने चेतावनी दी कि अगर इज़राइल लेबनान पर हमले नहीं रोकता तो उसे और गंभीर नतीजे भुगतने पड़ेंगे। बयान में कहा गया कि अगर ईरान की कार्रवाई का जवाब दिया गया तो इज़राइल और उसके समर्थकों पर और विनाशकारी हमले होंगे। इस नए हमले के बाद मध्य पूर्व में फिर से तनाव बढ़ गया है। महीनों से बनी नाजुक शांति अब खतरे में दिख रही है।