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'कोई भी देश सुरक्षित नहीं...', पीएम मोदी ने SCO सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ दिया कड़ा संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद को मानवता का सबसे बड़ा खतरा बताया. उन्होंने कहा कि आतंकवाद और उग्रवाद एक साझा चुनौती हैं. कोई भी देश सुरक्षित नहीं है. बिना किसी देश का नाम लिए, उन्होंने आतंकवाद को समर्थन देने वालों की आलोचना की.

Calendar Last Updated : 01 September 2025, 11:08 AM IST
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SCO Summit on Pahalgam: चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन का आयोजन हुआ. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सोमवार को उद्घाटन भाषण दिया. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्ण सत्र को संबोधित किया. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी मौजूद थे. सम्मेलन में क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक सहयोग और कूटनीति पर चर्चा हुई. शी ने एससीओ को क्षेत्रीय शांति और विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया.  

प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद को मानवता का सबसे बड़ा खतरा बताया. उन्होंने कहा कि आतंकवाद और उग्रवाद एक साझा चुनौती हैं. कोई भी देश सुरक्षित नहीं है. बिना किसी देश का नाम लिए, उन्होंने आतंकवाद को समर्थन देने वालों की आलोचना की. मोदी ने दोहरे मापदंडों को खारिज करने की मांग की. उन्होंने कहा कि सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहनशीलता हमारा कर्तव्य है.  

पहलगाम हमले का किया जिक्र  

मोदी ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का उल्लेख किया.  उन्होंने कहा कि पहलगाम में हमने आतंकवाद का क्रूर चेहरा देखा. मोदी ने राज्य समर्थित आतंकवाद पर वैश्विक चुप्पी पर सवाल उठाया. उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद पर कोई समझौता नहीं हो सकता. इसकी हर रूप में निंदा जरूरी है. प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की प्रगति पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि भारत सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन के मंत्र पर चल रहा है. उन्होंने चुनौतियों को अवसर में बदलने की बात कही. मोदी ने सभी देशों को भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनने का न्योता दिया. उन्होंने भारत के आर्थिक और सामाजिक विकास पर जोर दिया.  

शी जिनपिंग का वैश्विक संदेश  

चीनी राष्ट्रपति शी ने एससीओ की भूमिका की सराहना की. उन्होंने कहा कि एससीओ को आधिपत्य का विरोध करना चाहिए. हमें न्याय कायम रखना होगा. शी ने संयुक्त राष्ट्र और बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली की रक्षा पर जोर दिया. उन्होंने चीन की ओर से 100 छोटी विकास परियोजनाओं की घोषणा की. ये परियोजनाएं एससीओ देशों में असमानता कम करने और आजीविका सुधारने के लिए होंगी.  एससीओ शिखर सम्मेलन क्षेत्रीय सहयोग का प्रमुख मंच है. इस आयोजन ने वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा का अवसर दिया. मोदी के बयानों ने भारत के आतंकवाद विरोधी रुख को मजबूत किया. भारत-पाकिस्तान तनाव एक बार फिर सुर्खियों में रहा. शी का संदेश वैश्विक एकता और सहयोग पर केंद्रित था. यह सम्मेलन भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को रेखांकित करता है.  

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