नई दिल्ली: रूस के विदेश मंत्रालय ने ईरान पर सैन्य हमले शुरू करने की अमेरिकी धमकियों की कड़ी निंदा की है. उन्होंने इस बयान का विरोध करते हुए इन धमकियों को 'पूरी तरह अस्वीकार्य' बताया है. साथ ही स्थानीय और वैश्विक स्थिरता के लिए गंभीर परिणामों की चेतावनी भी दे डाली है.
मंगलवार को रूसी विदेश मंत्रालय ने ईरान की स्थिती पर चिंता जताई है. उन्होंने अपने एक जारी बयान में कहा कि ईरान में पहले से ही हालात तनावपूर्ण हैं और ऐसे समय में बाहरी दबाव स्थिति को और बिगाड़ सकता है. मंत्रालय ने ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों और वहां हो रही कथित हिंसक कार्रवाइयों पर चिंता जताई, जिनमें हजारों लोगों की मौत की खबरें सामने आ रही हैं.
रूस ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह ईरान की आंतरिक समस्याओं का फायदा उठा रहा है और वहां अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहा है. विदेश मंत्रालय ने आगे कहा कि इतना ही नहीं अगर अमेरिका ईरान के खिलाफ कोई सैन्य कदम उठाता है, तो इसका परिणाम बहुत खौफनाक हो सकता है. रूस ने इसे उकसाने वाली कार्रवाई बताया है.
रूस के मुताबिक, ईरान में फैले विरोध प्रदर्शनों की मुख्य वजह वहां की गंभीर सामाजिक और आर्थिक समस्याएं हैं, जो लंबे समय से लगे पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण और गहरी हुई हैं. मॉस्को ने दावा किया कि कुछ बाहरी ताकतें इस स्थिति का फायदा उठाकर हिंसा भड़का रही हैं.
कुछ रिपोर्ट के अनुसार, विरोध प्रदर्शनों के दौरान अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है और बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया है. हालांकि, इंटरनेट सेवाएं बंद होने के कारण सही आंकड़ों की पुष्टि करना मुश्किल हो रहा है और ईरानी सरकार ने अब तक कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है.
रूस ने उम्मीद जताई है कि ईरान में हालात धीरे-धीरे सामान्य होंगे. साथ ही, वहां मौजूद रूसी नागरिकों से भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान रूस और ईरान के मजबूत होते रिश्तों को दर्शाता है.