2015 से 2025 तक में बदल गया स्किन केयर का तरीका, जानें क्या-क्या बदला?
2025 में वैज्ञानिक शोध और नई तकनीकों ने स्किनकेयर को और प्रभावी बनाया है. आज के समय में लोग अपने स्किन का काफी बेहतर तरीके से ध्यान रख पा रहे हैं. 2025 में लोग त्वचा की जरूरतों को समझकर सही उत्पाद चुन रहे हैं. तो चलिए जानते हैं कि बीते दस साल में क्या कुछ बदला है
Last Updated : 23 May 2025, 03:29 PM IST
Courtesy: Social Media
Skincare Changes: स्किनकेयर की दुनिया में पिछले एक दशक में बड़ा बदलाव आया है. 2015 में लोग खुबानी स्क्रब और मेकअप वाइप्स का इस्तेमाल करते थे. हालांकि उस समय पर यह सारा प्रोडक्ट और तरीका लोगों को बेस्ट लगता था, लेकिन बढ़ती टेक्नोलॉजी और साइंस की खुलती परतों ने अभी के समय में सब कुछ बदल दिया है.
आज हम इस लेख के माध्यम से जानेंगे की पिछले दस सालों में क्या कुछ बदला है?
दस सालों में क्या कुछ बदला?
- 2015 में मेकअप हटाने के लिए मेकअप वाइप्स पसंदीदा थे. ये आसान थे, लेकिन त्वचा को पूरी तरह साफ नहीं करते थे. 2025 में डबल क्लींजिंग ने जगह ले ली है. पहले ऑयल-बेस्ड क्लींजर से मेकअप और SPF हटाया जाता है. फिर माइसेलर जेल वॉश से त्वचा की गंदगी साफ होती है. यह तरीका त्वचा को गहराई से साफ करता है.
- पहले खुबानी और कॉफी स्क्रब का चलन था. लोग मानते थे कि जितना कठोर स्क्रब, उतनी साफ त्वचा. लेकिन ये स्क्रब त्वचा को नुकसान पहुंचाते थे. अब रासायनिक एक्सफोलिएंट जैसे मैंडेलिक और लैक्टिक एसिड का इस्तेमाल होता है. ये त्वचा को बिना नुकसान पहुंचाए चिकना बनाते हैं.
- 2015 में नारियल तेल को स्किनकेयर का जादू माना जाता था. लेकिन यह छिद्रों को बंद कर मुंहासे पैदा करता था. 2025 में सेरामाइड्स और पेप्टाइड्स युक्त मॉइस्चराइजर लोकप्रिय हैं. ये त्वचा को हाइड्रेट करते हैं और उसकी प्राकृतिक बाधा को मजबूत बनाते हैं.
- पहले सनस्क्रीन का इस्तेमाल कम होता था. इसकी चिकनी बनावट और सफेद परत लोगों को पसंद नहीं थी. अब हल्के और सभी त्वचा टोन के लिए उपयुक्त सनस्क्रीन उपलब्ध हैं. यह त्वचा को उम्र बढ़ने और नुकसान से बचाता है.
- 2015 में कॉफी स्क्रब को एंटी-एजिंग के लिए सस्ता उपाय माना जाता था. लेकिन यह त्वचा को नुकसान पहुंचाता था. अब रेटिनॉल और विटामिन ए डेरिवेटिव का चलन है. ये कोलेजन बढ़ाते हैं और झुर्रियां व पिगमेंटेशन कम करते हैं.
- जेड रोलर पहले लोकप्रिय थे, लेकिन उनके प्रभाव अस्थायी होते थे. 2025 में माइक्रोनीडलिंग और नैनो नीडलिंग का चलन है. ये कोलेजन बढ़ाते हैं और त्वचा की बनावट सुधारते हैं.
- 2015 में लोग तुरंत चमक चाहते थे. कठोर स्क्रब और पील्स का इस्तेमाल होता था. अब स्किनकेयर का ध्यान त्वचा की दीर्घकालिक सेहत पर है. मजबूत त्वचा बाधा और संतुलित देखभाल को प्राथमिकता दी जाती है.
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