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Heart Attack Alert: चुपचाप आर्टरीज को जाम कर रही है विटामिन K2 की कमी, विशेषज्ञों ने जताई बड़ी चिंता, कैसे बचें, क्या कहती हैं स्टडीज?

जब दिल की बीमारियों की बात आती है, तो हमारी नजर आमतौर पर विटामिन C, विटामिन D या विटामिन B12 पर जाती है. लेकिन एक विटामिन है जो उतना चर्चित नहीं है, फिर भी दिल और आर्टरीज की सुरक्षा में उसकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, विटामिन K2.

Calendar Last Updated : 02 December 2025, 12:37 PM IST
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Vitamin K2: जब दिल की बीमारियों की बात आती है, तो हमारी नजर आमतौर पर विटामिन C, विटामिन D या विटामिन B12 पर जाती है. लेकिन एक विटामिन है जो उतना चर्चित नहीं है, फिर भी दिल और आर्टरीज की सुरक्षा में उसकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, विटामिन K2. इसे दुनिया भर के विशेषज्ञ ‘फॉरगॉटन विटामिन’ कहते हैं, क्योंकि इसकी जानकारी और जागरूकता बेहद कम है. लेकिन हाल में आई कई रिपोर्टें और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय कहती है कि विटामिन K2 की कमी दिल का दौरा, आर्टरीज के सख्त होने और कैल्शियम के गलत जमा होने का एक बड़ा कारण बन सकती है.

विटामिन K2 की कमी चुपचाप क्यों बढ़ाती है हार्ट अटैक का खतरा?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर में विटामिन K2 की कमी होने पर एक महत्वपूर्ण प्रोटीन Matrix Gla Protein (MGP) सक्रिय नहीं हो पाता. यह प्रोटीन कैल्शियम को सही जगह—यानी हड्डियों तक—पहुंचाने में मदद करता है. लेकिन K2 की कमी होने पर कैल्शियम हड्डियों में जाने के बजाय ब्लड वेसल्स में जमना शुरू कर देता है.

धीरे-धीरे महीनों और सालों में यह कैल्शियम आर्टरीज को कठोर और संकरा बना देता है. मेडिकल भाषा में इसे वेस्कुलर कैल्सिफिकेशन कहा जाता है, जो हार्ट अटैक, हार्ट वॉल्व डिजीज और ब्लड प्रेशर बढ़ने जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है.

सबसे चिंता की बात ये है कि यह प्रक्रिया चुपचाप और बिना किसी शुरुआती लक्षण के होती है. ज्यादातर लोगों को तब पता चलता है, जब नुकसान काफी आगे बढ़ चुका होता है.

आखिर क्यों जाम होने लगती हैं आर्टरीज?

रिसर्च बताती है कि विटामिन K2 की कमी की वजह से MGP प्रोटीन निष्क्रिय हो जाता है. इसकी वजह से—

  • कैल्शियम आर्टरीज में जमने लगता है
  • ब्लड वेसल्स का लचीलापन कम होने लगता है
  • दिल के वाल्व में कैल्शियम जमा होना शुरू हो जाता है
  • कोलेस्ट्रॉल और हाई BP का असर दोगुना हो जाता है

लंबे समय तक ऐसे ही हालात बने रहने पर हार्ट ब्लॉकेज या हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.

K2 क्यों कहलाता है ‘दिल का रक्षक’?

कई अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों में पाया गया है कि जिन लोगों की डाइट में विटामिन K2 पर्याप्त मात्रा में होता है, उनमें:

  • हार्ट डिजीज का खतरा लगभग 50% कम देखा जाता है
  • आर्टरीज अधिक फ्लेक्सिबल रहती हैं
  • दिल के वाल्व में कैल्शियम जमा होने की प्रक्रिया धीमी पड़ती है
  • हार्ट अटैक के जोखिम वाले फैक्टर कम होते हैं

विशेषज्ञों का मानना है कि विटामिन K2 शरीर के भीतर कैल्शियम को “सही जगह भेजने वाला ट्रैफिक कंट्रोलर” है.

विटामिन K2 की कमी से कौन-कौन सी दिक्कतें बढ़ सकती हैं?

1. कमजोर हड्डियां

कैल्शियम हड्डियों तक नहीं पहुंच पाता, जिससे हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ सकता है.

2. किडनी या गॉल ब्लैडर की पथरी

कैल्शियम गलत जगह जमा होने लगता है, जिससे पथरी बनने का जोखिम बढ़ जाता है.

3. दांत और मसूड़ों की समस्याएं

लंबे समय की कमी से ओरल हेल्थ प्रभावित हो सकती है और दांत कमजोर पड़ सकते हैं.

ज्यादातर लोगों में K2 की कमी क्यों बढ़ रही है?

आज की लाइफस्टाइल में विटामिन K2 वाले खाद्य पदार्थ काफी कम खाए जाते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार यह विटामिन मुख्य रूप से मिलता है:

  • फर्मेंटेड फूड्स (जैसे जापानी नट्टो)
  • पुराना चीज़
  • अंडे की जर्दी
  • मीट
  • कुछ खास डेयरी प्रोडक्ट्स

फर्मेंटेड फूड्स की खपत कम होने और मॉडर्न डाइट के बदलते पैटर्न की वजह से K2 की कमी आम होती जा रही है.

कमी के संकेत कैसे पकड़ें?

दिक्कत यह है कि विटामिन K2 की कमी के कोई सीधे और शुरुआती लक्षण नहीं होते. आर्टरीज में कैल्शियम जमना कई सालों में दिखता है.
कई देशों में डॉक्टर अब inactive MGP टेस्ट की मदद से यह पता लगाते हैं कि शरीर में K2 की कमी है या नहीं.

क्या कहते हैं विशेषज्ञ—K2 की भरपाई कैसे करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि विटामिन K2 को डाइट में शामिल करना बेहद महत्वपूर्ण है. इसके लिए:

  • पारंपरिक फर्मेंटेड फूड्स
  • अंडे
  • डेयरी उत्पाद
  • चीज़
  • नॉन-वेज स्रोत

का सेवन बढ़ाया जा सकता है.

कुछ अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि K2 (विशेष रूप से MK-7 फॉर्म) को विटामिन D के साथ लेने पर कैल्शियम प्रबंधन बेहतर होता है. कई देशों में डॉक्टर मरीजों को कैल्शियम और विटामिन D लेते समय K2 की अहमियत भी बताते हैं.

हालांकि विशेषज्ञ यह भी साफ करते हैं कि सप्लीमेंट शुरू करने से पहले किसी भी व्यक्ति को योग्य डॉक्टर या न्यूट्रिशन विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए, ताकि उसकी जरूरत, स्वास्थ्य स्थिति और दवाओं के हिसाब से फैसला लिया जा सके.

दिल की सुरक्षा में एक अनदेखा विटामिन

विटामिन K2 अब तेजी से चिकित्सा जगत में चर्चा का विषय बन रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह विटामिन आने वाले समय में कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ का अहम हिस्सा बन सकता है. क्योंकि यह शरीर के सबसे महत्वपूर्ण तत्व, कैल्शियम को सही जगह पहुंचाकर दिल और आर्टरीज दोनों की रक्षा करता है.

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