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चमोली में THDC परियोजना की सुरंग में बड़ा हादसा! दो लोको ट्रेनें टकराईं, करीब 60 मजदूर घायल

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विष्णुगाड-पीपलकोटी हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की निर्माणाधीन सुरंग में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक दुर्घटना हुई.

Calendar Last Updated : 31 December 2025, 09:19 AM IST
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उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विष्णुगाड-पीपलकोटी हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की निर्माणाधीन सुरंग में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक दुर्घटना हुई. टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (THDC) की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंदर मजदूरों को ले जाने वाली दो लोको ट्रेनें आपस में टकरा गईं, जिससे लगभग 60 मजदूर घायल हो गए. यह हादसा शिफ्ट बदलते समय हुआ, जब सुरंग के अंदर अंधेरा और सीमित जगह होने से स्थिति और विकट हो गई.

प्रारंभिक जांच से पता चला है कि तकनीकी खराबी के कारण एक ट्रेन ने पीछे से दूसरी ट्रेन को जोरदार टक्कर मार दी. उस समय दोनों ट्रेनों में कुल 109 लोग सवार थे, जिनमें ज्यादातर मजदूर थे. टक्कर इतनी तेज थी कि कई यात्री अपना संतुलन खो बैठे और ट्रेन के डिब्बों में गिरकर चोटिल हो गए. सुरंग के अंधेरे हिस्से में हुई इस घटना से अंदर अफरा-तफरी मच गई. 

घायलों की स्थिति और इलाज

हादसे की सूचना मिलते ही THDC प्रोजेक्ट प्रबंधन, स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं. एम्बुलेंस और अन्य वाहनों की मदद से सभी घायलों को सुरंग से बाहर निकाला गया और निकटवर्ती अस्पतालों में भर्ती कराया गया. राहत कार्य में किसी प्रकार की जानमाल की बड़ी क्षति नहीं हुई, लेकिन निर्माण कार्य कुछ समय के लिए प्रभावित रहा. जिला अस्पताल गोपेश्वर के चिकित्सकों के अनुसार, अधिकांश घायलों को मामूली चोटें आई हैं, जबकि कुछ को फ्रैक्चर और गंभीर आघात लगे हैं. वर्तमान में 42 घायल गोपेश्वर जिला अस्पताल में भर्ती हैं, जहां चार-पांच मरीजों को विशेष निगरानी में रखा गया है. वहीं, 17 अन्य घायलों का इलाज पीपलकोटी के विवेकानंद अस्पताल में चल रहा है. सभी घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है. उनके परिवारों को घटना की जानकारी दे दी गई है और आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है.

प्रशासनिक अधिकारियों का दौरा

हादसे के बाद जिला मजिस्ट्रेट गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने गोपेश्वर जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना. एसपी पंवार ने मीडिया को बताया कि दोनों अस्पतालों में प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल तैनात हैं. उन्होंने आश्वासन दिया कि घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. जांच के आदेश दे दिए गए हैं ताकि हादसे के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके. यह 444 मेगावाट की परियोजना अलकनंदा नदी पर बन रही है और अगले साल तक पूरी होने की उम्मीद है. 

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