देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में प्रसिद्ध मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पीने के पानी ने बड़ा संकट पैदा कर दिया है. शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में सीवेज के रिसाव से पानी प्रदूषित होने के कारण कम से कम नौ लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 150 से अधिक मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं. स्थानीय निवासियों की लंबे समय से चली आ रही शिकायतों के बावजूद प्रशासन की अनदेखी ने इस त्रासदी को जन्म दिया है.
जांच अधिकारियों के अनुसार, भागीरथपुरा से लिए गए पानी के नमूनों में सीवर के पानी में आमतौर पर पाए जाने वाले बैक्टीरिया की मौजूदगी पाई गई है. एमजी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के हेड बताया कि प्रारंभिक रिपोर्ट में असामान्य बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है, जो मानव मल से जुड़े होते हैं. हालांकि, सटीक पैथोजन की पहचान के लिए कल्चर रिपोर्ट का इंतजार है. मरीजों के मल सैंपल की जांच से भी स्थिति स्पष्ट होगी.
अधिकारियों का मानना है कि सीवेज लाइन से पीने की पानी की पाइपलाइन में रिसाव के कारण यह संक्रमण फैला . उल्टी, दस्त और निर्जलीकरण जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. स्थानीय प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, क्षेत्र में 2,456 लोगों में ऐसे लक्षण पाए गए हैं, जिनमें से 162 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है . भागीरथपुरा के लोग पिछले कई हफ्तों से पानी में अजीब गंध और स्वाद की शिकायत कर रहे थे. एक स्थानीय निवासी ने बताया कि समस्या 25 दिसंबर से और गंभीर हो गई थी. इससे पहले भी कई बार शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इस लापरवाही ने अब जानलेवा रूप ले लिया है. क्षेत्र में नर्मदा जल आपूर्ति की मुख्य पाइपलाइन में लीकेज की आशंका जताई जा रही है, जिससे सीवेज का पानी मिल गया.
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है. आयोग ने मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. एनएचआरसी का कहना है कि निवासियों की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई न होना मानवाधिकारों का उल्लंघन है. इसी तरह, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने भी राज्य सरकार से घटना की पूरी जानकारी और रिपोर्ट तलब की है. कोर्ट ने प्रभावितों के मुफ्त इलाज के निर्देश दिए हैं .मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संकट को गंभीरता से लेते हुए मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता और सभी मरीजों का मुफ्त इलाज सुनिश्चित करने की घोषणा की है.