SIR प्रक्रिया की समय सीमा बढ़ी! अब 11 दिसंबर तक भर सकेंगे फॉर्म, ड्राफ्ट सूची भी एक हफ्ते आगे

देश के 12 राज्यों में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है. SIR फॉर्म जमा करने की आखिरी तिथि, जो पहले 4 दिसंबर निर्धारित थी, अब बढ़ाकर 11 दिसंबर कर दी गई है. यह फैसला उस समय आया है, जब कई जिलों से BLOs पर अत्यधिक दबाव, स्वास्थ्य समस्याओं और तनावपूर्ण परिस्थितियों की खबरें सामने आ रही थीं.

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SIR process: देश के 12 राज्यों में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है. SIR फॉर्म जमा करने की आखिरी तिथि, जो पहले 4 दिसंबर निर्धारित थी, अब बढ़ाकर 11 दिसंबर कर दी गई है. यह फैसला उस समय आया है, जब कई जिलों से BLOs पर अत्यधिक दबाव, स्वास्थ्य समस्याओं और तनावपूर्ण परिस्थितियों की खबरें सामने आ रही थीं.

अधिकारियों के अनुसार, कई क्षेत्रों में अभी भी SIR से जुड़े फॉर्म का 50 प्रतिशत से भी कम काम पूरा हुआ है. ऐसे में समय सीमा बढ़ाना न केवल BLOs बल्कि उन लोगों के लिए भी राहत है, जो अपने दस्तावेजों को अंतिम रूप नहीं दे पाए थे.

SIR की समय सीमा बढ़ने के साथ ही चुनाव आयोग ने आगामी तारीखों में भी बदलाव किया है. पहले ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 9 दिसंबर 2025 को जारी होने वाली थी, लेकिन अब इसे 16 दिसंबर 2025 को पब्लिश किया जाएगा. यह बदलाव पूरे कार्यक्रम को एक सप्ताह आगे बढ़ाता है.

कौन-कौन से बदलाव हुए?

सरकार और चुनाव आयोग द्वारा किए गए संशोधन इस प्रकार हैं:

ड्राफ्ट पब्लिकेशन:

  • पहले: 9 दिसंबर 2025
  • अब: 16 दिसंबर 2025

दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि:

  • पहले: 9 दिसंबर 2025–8 जनवरी 2026
  • अब: 16 दिसंबर 2025–15 जनवरी 2026

अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन:

  • पहले: 7 फरवरी 2026
  • अब: 14 फरवरी 2026

इन बदलावों के साथ संपूर्ण प्रक्रिया एक सप्ताह आगे खिसक गई है.

BLOs को बड़ी राहत

पिछले कई दिनों से देशभर में BLOs द्वारा अत्यधिक कार्यभार को लेकर शिकायतें सामने आ रही थीं. कई BLOs ने बताया कि कम समय में अधिक फॉर्मों की जांच, भरण और सत्यापन से काम का दबाव असहनीय हो गया था. कुछ जिलों में तो दिल का दौरा, तनाव और आत्महत्या जैसी गंभीर घटनाएं भी रिपोर्ट की गईं, जिससे SIR प्रक्रिया को लेकर संवेदनशीलता बढ़ी.

नए फैसले से BLOs को एक सप्ताह का अतिरिक्त समय मिलेगा, जिससे काम व्यवस्थित ढंग से पूरा किए जाने की उम्मीद है. अधिकारियों का कहना है कि इससे न केवल फील्ड वर्कर्स को राहत मिलेगी, बल्कि डेटा की गुणवत्ता और सटीकता में भी सुधार होगा.

जनता के लिए भी राहत की खबर

कई लोग मतदाता सूची संशोधन के दौरान दस्तावेज पूरे न कर पाने या सत्यापन न करा पाने के कारण परेशान थे. अब अतिरिक्त समय मिलने से वे आसानी से अपने फॉर्म जमा कर सकेंगे. इससे नई वोटर आईडी, पते में परिवर्तन और नाम जुड़वाने की प्रक्रिया भी सुचारू रूप से पूरी की जा सकेगी.

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