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ऑनलाइन दुल्हन की तलाश में PhD स्कॉलर से 49 लाख की ठगी, फॉरेक्स ट्रेडिंग का झांसा देकर उड़ाए पैसे

गाजियाबाद में ऑनलाइन ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें दुल्हन की तलाश कर रहे एक पीएचडी स्कॉलर को साइबर ठगों ने करीब 49 लाख रुपये का चूना लगा दिया.

Calendar Last Updated : 01 December 2025, 01:58 PM IST
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गाजियाबाद: गाजियाबाद में ऑनलाइन ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें दुल्हन की तलाश कर रहे एक पीएचडी स्कॉलर को साइबर ठगों ने करीब 49 लाख रुपये का चूना लगा दिया. वैशाली के रहने वाले 42 वर्षीय अभिषेक चौधरी ने Shaadi.com पर अपना प्रोफाइल बनाकर शादी की तलाश शुरू की थी, लेकिन यह तलाश उनके लिए भारी साबित हुई.

सितंबर में उनकी मुलाकात एक ऐसी महिला से हुई, जिसने पहले तो बातचीत और भरोसे का पुल बनाया और फिर धीरे-धीरे उन्हें एक बड़े धोखाधड़ी नेटवर्क में फंसा दिया. महिला ने खुद को रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े परिवार की सदस्य बताया और लगातार बातचीत के जरिए अभिषेक का विश्वास जीत लिया.

फॉरेक्स ट्रेडिंग में पैसे लगाने के लिए किया तैयार

पुलिस के अनुसार, महिला ने बातचीत बढ़ने के बाद अभिषेक को फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश करने के लिए मनाना शुरू किया. उसने दावा किया कि इस प्लेटफॉर्म पर निवेश कर भारी मुनाफा कमाया जा सकता है. भरोसा जमाने के लिए महिला ने WhatsApp पर एक लिंक भेजकर उन्हें रजिस्ट्रेशन करने को कहा. लेकिन लिंक बार-बार बदला जाता रहा, जिससे स्पष्ट था कि पूरा खेल पहले से तैयार था.

वेरिफिकेशन के नाम पर उनसे वोटर आईडी तक अपलोड करवाई गई. प्लेटफॉर्म पर न्यूनतम 250 डॉलर जमा करने की बात कही गई, लेकिन महिला के कहने पर अभिषेक ने 500 डॉलर की शुरुआती रकम डाल दी. यहीं से ठगी की शुरुआत हो गई.

फर्जी मुनाफा दिखा कर 49 लाख रुपये ऐंठे

महिला और उसके गिरोह ने अभिषेक को भारतीय रुपये में पेमेंट करने के लिए कहा, जिसे बाद में प्लेटफॉर्म पर डॉलर में दिखाया जाता था. ट्रेडिंग ऐप में हर निवेश पर भारी मुनाफा दिखाकर उनका भरोसा और पक्का किया गया. मुनाफे का लालच देखते हुए अभिषेक ने करीब 10 से अधिक ट्रांजैक्शन कर कुल 49 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए.

जब उन्होंने मुनाफा निकालने की कोशिश की, तो नई मुसीबत सामने आ गई. हर बार उनसे 30% टैक्स के नाम पर अतिरिक्त रकम मांगी गई. यहां तक कि मूल निवेश निकालने पर भी टैक्स भुगतान की शर्त रखी गई. कई प्रयासों के बाद उन्हें एहसास हुआ कि वे एक बड़े ऑनलाइन फ्रॉड के शिकार हो चुके हैं.

पुलिस ने जारी की चेतावनी

साइबर और क्राइम के एडीसीपी पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि मामले में आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है. जिन बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर किया गया था, उनकी जानकारी बैंकों से मांगी गई है. उन्होंने कहा कि ऑनलाइन फ्रॉड के ऐसे मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, खासकर वे जहां सोशल मीडिया या मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों से दोस्ती कर ठगी की जाती है.

एडीसीपी ने लोगों को सलाह दी कि ऑनलाइन जानपहचान वाले किसी भी व्यक्ति को व्यक्तिगत दस्तावेज, बैंक डिटेल या ओटीपी जैसी जानकारी बिल्कुल न दें और किसी भी प्रकार के निवेश से पहले प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता की जांच अवश्य करें.

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