menu-icon
The Bharatvarsh News

BMC चुनाव में 'मिटने वाली स्याही' पर बड़ा ड्रामा, राज ठाकरे ने लगाए गंभीर आरोप, राज्य चुनाव आयोग करेगी जांच

गुरुवार को मुंबई में हाई-स्टेक बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनावों के लिए वोटिंग जारी रहने के बीच सोशल मीडिया पर कई दावे सामने आए, जिनमें विपक्षी नेताओं के भी दावे शामिल थे.

Calendar Last Updated : 15 January 2026, 04:38 PM IST
Share:

मुंबईः गुरुवार को मुंबई में हाई-स्टेक बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनावों के लिए वोटिंग जारी रहने के बीच सोशल मीडिया पर कई दावे सामने आए, जिनमें विपक्षी नेताओं के भी दावे शामिल थे. इसमें आरोप लगाया गया था कि वोटर्स की उंगलियों पर निशान लगाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली न मिटने वाली स्याही को एसीटोन से मिटाया जा सकता है. इसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं.

MNS प्रमुख राज ठाकरे ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान इस्तेमाल होने वाली न मिटने वाली स्याही को एक मार्कर पेन से बदल दिया गया है. इस स्याही का निशान हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करके आसानी से हटाया जा सकता है.

सीएम का बयान

MNS चीफ राज ठाकरे के बयान पर महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "मुझे भी मार्कर से निशान लगाया गया था, क्या वह मिट रहा है? इलेक्शन कमीशन को इस मामले को देखना चाहिए और कुछ और इस्तेमाल करना चाहिए, अगर वे चाहें तो ऑयल पेंट इस्तेमाल कर सकते हैं, चुनाव निष्पक्ष होने चाहिए, लेकिन हर बात पर हंगामा करना और सवाल उठाना बहुत गलत है."

आरोपों की जांच

BMC ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि वोटिंग के दौरान स्याही मिटने की खबरें गलत हैं. वोटर्स की उंगलियों पर स्याही इस बात के सबूत के तौर पर लगाई जाती है कि उन्होंने वोट डाल दिया है. हालांकि, विवाद बढ़ने के तुरंत बाद राज्य चुनाव आयोग ने आरोपों की जांच के आदेश दिए. एसीटोन एक रंगहीन, वाष्पशील और ज्वलनशील ऑर्गेनिक सॉल्वेंट है जिसका इस्तेमाल नेल पॉलिश रिमूवर, पेंट थिनर और सफाई एजेंटों में कई पदार्थों को घोलने की क्षमता के कारण बड़े पैमाने पर किया जाता है.

राज्य चुनाव आयोग ने क्या कहा?

राज्य चुनाव आयोग ने कहा कि वोटर्स की उंगलियों पर लगाई गई न मिटने वाली स्याही को हटाने और इस तरह कन्फ्यूजन पैदा करने की कोशिशें गैर-कानूनी हैं. चुनाव आयोग ने चेतावनी दी कि अगर कोई व्यक्ति स्याही का निशान हटाने के बाद दोबारा वोट देने की कोशिश करता पाया गया, तो उसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

सम्बंधित खबर

Recent News