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Lucknow: एक थप्पड़ से जुर्म की दुनिया में आया था विनोद उपाध्याय, STF ने गैंगस्टर का किया एनकांउटर

Vinod Upadhyay Encounter: STF की टीम ने बीती रात एक एनकाउंटर में गैंगस्टर विनोद उपाध्याय को ढ़ेर कर दिया. एक थप्पड़ का बदला लेने के लिए जुर्म की दुनिया में विनोद उपाध्याय ने कदम रखा था.

Calendar Last Updated : 05 January 2024, 01:23 PM IST
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Vinod Upadhyay Encounter: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में एसटीएफ ने बड़े माफिया और शार्प शूटर विनोद कुमार उपाध्याय को एक एनकाउंटर में ढेर कर दिया है. पिछले कई महीनों से पुलिस गैंगस्टर को तलाश रही थी. बीती रात यानी शुक्रवार को यूपी एसटीएफ की टीम जब सुल्तानपुर में उसके ठिकाने पर पहुंची तो बदमाश से मुठभेड़ हो गई, उसने बचने के लिए फायरिंग शुरू कर दी. इसमें माफिया और शार्प शूटर विनोद कुमार उपाध्याय गोली लगने से घायल हो गया. बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. गैंगस्टर विनोद कुमार उपाध्याय पर गोरखपुर पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. 

चुनाव भी लड़ चुका था गैंगस्टर

विनोद उपाध्याय ना सिर्फ माफिया और शार्प शूटर था बल्कि वो चुनाव तक लड़ चुका था. जरायम की दुनिया में अपनी पैठ बनाने के बाद विनोद उपाध्याय ने राजनीति में कदम रखा था. पहली बार 2007 में बीएसपी की टिकट पर विनोद उपाध्याय ने चुनाव लड़ा था. 2005 में पहली हत्या के बाद महज दो सालों में ही विनोद उपाध्याय ने अपना राजनीतिक रसूख भी बना लिया था और बीएसपी से चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी थी. साल 2007 में बसपा ने विनोद उपाध्याय को गोरखपुर का प्रभारी बना दिया. इसके बाद उसी साल हुए विधानसभा चुनाव में गोरखपुर की ही सहजनवा सीट से बीएसपी ने विनोद उपाध्याय को उम्मीदवार भी बनाया लेकिन वो चुनाव हार गया.

विनोद उपाध्याय कई मामलों में अपराधी था. विनोद पर करीब 35 से ज्यादा केस दर्ज थे. बीते कई महीनों से गोरखपुर क्राइम ब्रांच और एसटीएफ की टीम उसे तलाश रही थी. उपाध्याय के जुर्म की दुनिया में एंट्री साल 2004 में एक हत्या से हुई थी. महज एक थप्पड़ का बदला लेने के लिए उसने पहली बार हत्या जैसे संगीन अपराध को अंजाम दिया था. बता दें, विनोद उपाध्याय अयोध्या का रहने वाला था.

थप्पड़ का बदला हत्या से लिया

पहली बार महज एक थप्पड़ का बदला लेने के लिए विनोद उपाध्याय ने संगीन अपराध को अंजाम दिया था. दरअसल साल 2004 में गोरखपुर जेल में बंद अपराधी जीतनारायण मिश्र ने किसी बात पर विवाद होने के बाद विनोद उपाध्याय को एक थप्पड़ मार दिया था. जब अगले साल जीतनारायण मिश्र जेल से बाहर आया तो मौका देखकर विनोद उपाध्याय ने साल 2005 में संतकबीर नगर बखीरा के पास उसकी हत्या कर दी जिससे वो सुर्खियों में छा गया. 

कई अपराधओं में था शामिल

पहली वारदात को अंजाम देने के बाद विनोद उपाध्याय ने एक के बाद एक कई हत्याओं और दूसरी वारदातों को अंजाम दिया. शार्प शूटर और माफिया विनोद कुमार उपाध्याय अपना एक संगठित गिरोह बनाकर गोरखपुर, बस्ती, संतकबीर नगर, लखनऊ में कई सनसनीखेज हत्या की वारदातों को अंजाम दे चुका था. उपाध्याय का एनकाउंटर एसटीएफ मुख्यालय के डिप्टी एसपी दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व में उनकी टीम ने किया है. उपाध्याय यूपी पुलिस की टॉप 10 लिस्ट में शामिल था.

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