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AAP विधायक ने बाढ़ के बीच पेश की अनूठी मिसाल, 'श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी' का स्वरूप आदर-सम्मान से पहुंचाया सुरक्षित

जसवीर सिंह राजा गिल ने न सिर्फ धार्मिक मर्यादाओं का पालन किया, बल्कि जनता की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी. संगत के सहयोग से उन्होंने गुरुद्वारे से पवित्र स्वरूप को सुरक्षित निकाला.

Calendar Last Updated : 29 August 2025, 06:31 PM IST
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Punjab News: पंजाब के होशियारपुर जिले के अब्दुल्लापुर गांव में ब्यास नदी की बाढ़ ने तबाही मचाई. वहां कई घर डूब गए और खेत जलमग्न हो गए. इस संकट में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक जसवीर सिंह राजा गिल ने सिख परंपराओं की लाज रखी. उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र स्वरूप को पूरे सम्मान के साथ सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. संगत के साथ अरदास कर, गुरु साहिब के स्वरूप को बाढ़ से बचाया गया. यह दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. पंजाब की जनता ने इसे खूब सराहा. यह घटना दिखाती है कि प्राकृतिक आपदा में भी धार्मिक मर्यादाएं बरकरार रहनी चाहिए.

जसवीर सिंह राजा गिल ने न सिर्फ धार्मिक मर्यादाओं का पालन किया, बल्कि जनता की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी. संगत के सहयोग से उन्होंने गुरुद्वारे से पवित्र स्वरूप को सुरक्षित निकाला. इस दौरान अरदास और दुआ की गई. यह कदम सिख समुदाय के लिए गर्व का क्षण बना. राजा गिल का यह प्रयास दिखाता है कि राजनीति और धर्म का मेल जनता के हित में हो सकता है. उनकी यह पहल पंजाब में एक नई मिसाल बन गई.

मुख्यमंत्री और मंत्रियों का बड़ा कदम  

पंजाब सरकार ने बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए कमर कस ली है. मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं. कैबिनेट मंत्री और अधिकारी प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं. प्रशासन दिन-रात राहत कार्यों में जुटा है. सबसे खास बात, मुख्यमंत्री, सभी कैबिनेट मंत्री और ‘आप’ विधायकों ने एक महीने का वेतन दान करने का ऐलान किया. यह कदम जनता के प्रति उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है. इससे बाढ़ पीड़ितों को आर्थिक सहायता मिलेगी.

सेवा और संस्कृति का सम्मान  

बाढ़ ने जब खेत और घरों को डुबोया, तब ‘आप’ नेताओं ने दिखाया कि जनता की जान बचाने के साथ-साथ धार्मिक परंपराओं का सम्मान भी जरूरी है. यह घटना सिख संगत और आम जनता के लिए भरोसा बढ़ाने वाली है. पंजाब सरकार ने साबित किया कि वह मुश्किल वक्त में जनता के साथ खड़ी है. धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा भी उनकी प्राथमिकता है. यह संदेश पूरे पंजाब में गूंज रहा है. यह घटना और सरकार का निर्णय दिखाता है कि सच्ची राजनीति सत्ता तक सीमित नहीं होती. जब यह इंसानियत और धर्म से जुड़ती है, तब ‘राजधर्म’ की स्थापना होती है. भगवंत मान और उनकी टीम ने सेवा, धर्म और जनता के अधिकारों को एक साथ जोड़ा. संकट में सरकार और संगत की एकजुटता असली ताकत है. यह पंजाब के लिए एक बड़ा संदेश है.  

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