नई दिल्ली: विश्व कप विजेता खिलाड़ी और कोच गौतम गंभीर मौजूदा समय में बेहद खुश हैं. गौतम गंभीर पहले ऐसे भारतीय हेड कोच हैं जिन्होंने अपनी कोचिंग में भारतीय टीम को दो आईसीसी ट्रॉफी जीताए हैं. इससे पहले ऐसा कारनामा किसी भी कोच ने नहीं किया है. गंभीर ने हमेशा कहा कि उन्होंने हमेशा ही व्यक्तिगत उपलब्धियों से ऊपर टीम को प्राथमिकता दी है.
अब मैच के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर के बयान ने एक नई बहस को जन्म दे दिया. उनके इस बयान को लेकर क्रिकेट जगत में चर्चा तेज हो गई, खासकर तब जब इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज स्टीव हार्मिसन ने इसे भारत के वरिष्ठ बल्लेबाजों पर इनडायरेक्ट टिप्पणी बताया.
दरअसल गौतम गंभीर ने अपने बयान में यह साफ कहा कि उन्हें पर्सनल माइलस्टोन से मतलब नहीं है बल्कि उनके लिए टीम सबसे ऊपर है. गंभीर के इस बयान के बाद अब पूर्व इंग्लिश गेंदबाज स्टीव हार्मिसन ने इसे दिग्गज खिलाड़ी रोहित शर्मा और विराट कोहली पर तंज बताया है.
उन्होंने कहा कि 'मुझे गंभीर की ये बात अच्छी लगी. मुझे लगा कि ये रोहित और विराट पर तंज था, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें उपलब्धियों में कोई दिलचस्पी नहीं है, सिर्फ टीम की जीत मायने रखती है. एक खिलाड़ी और कोच के तौर पर गौतम को समझने में मुझे कभी-कभी दिक्कत होती है.'
गंभीर ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खास तौर पर संजू सैमसन के प्रदर्शन का जिक्र किया. टूर्नामेंट के दौरान सैमसन ने 97 नाबाद, 89 और 88 जैसे बड़े स्कोर बनाए, लेकिन कभी भी उन्होंने व्यक्तिगत उपलब्धि के लिए खेल को धीमा नहीं किया. गंभीर के मुताबिक यह दिखाता है कि खिलाड़ी टीम की जरूरत को समझते हैं और उसी के अनुसार निर्णय लेते हैं. साथ ही वह खुद से भी ऊपर अपनी टीम और देश को रखते हैं.
गौतम गंभीर भारत के एकमात्र हेड कोच हैं जिन्होंने अपने कोच कार्यकाल में भारत को दो आईसीसी ट्रॉफी जिताए हैं. उन्होंने 20 महीने के अपने कार्यकाल में भारत को पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफी जिताया था और इस साल उन्होंने अपनी कोचिंग में टी20 विश्व कप में कब्जा किया है.