नई दिल्ली: जब से रोहित शर्मा को वनडे कप्तानी पद से हटाया गया है तब से उन्हें लेकर अक्सर ही बाते होती हैं. अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने भी रोहित शर्मा को वनडे कप्तानी से हटाए जाने पर विवादित बयान दिया है. उन्होंने इस दौरान भारतीय मेन्स टीम के मौजूदा कोच गौतम गंभीर पर निशाना साधा है. तिवारी का कहना है कि इस फैसले के पीछे मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर और मुख्य कोच का हाथ है. उन्होंने इसे रोहित के लिए अपमान और भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी गलती बताया.
कुछ मीडिया सूत्रों के हवाले से पूर्व भारतीय खिलाड़ी मनोज तिवारी ने बताया कि, 'अजीत अगरकर एक मजबूत और निर्णायक शख्सियत हैं वह टीम के लिए ऐसे मजबूत फैसलों से कभी भी पीछे नहीं हटते हैं. लेकिन ऐसा प्रतीत हो रहा कि पर्दे के पीछे से उनके कंधे पर बंदूक रखकर किसी ने गोली चलाई है. अगर ऐसा है तो यह देखना बहुत जरूरी होगा. कोच की राय भी इसमें शामिल रही होगी. दोनों ही बराबर जिम्मेदार हैं.' रोहित शर्मा ने भारत को दो आईसीसी ट्रॉफी तक जिताई हैं उसके बावजूद उनके साथ ऐसा व्यवहार!
उन्होंने कहा कि रोहित का हटना उनकी वनडे क्रिकेट में रुचि को भी प्रभावित कर रहा है. तिवारी ने यह भी आरोप लगाया कि मैनेजमेंट ने रोहित की बल्लेबाजी क्षमता पर सवाल उठाया, जबकि उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है.
रोहित शर्मा कोई ऐसे वैसे कप्तान नहीं है बल्कि उन्होंने भारत को एक के बाद एक लगातार दो आईसीसी ट्रॉफी जिताई हैं. उन्होंने जून 2024 में भारत को दूसरी बार टी20 विश्व कप विजेता बनाया तो वहीं अपनी कप्तानी में मार्च 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब भी जीता. उन्होंने दूसरी बार आईसीसी ट्रॉफी जीतकर एमएस धोनी के साथ उन भारतीय कप्तानों की लिस्ट में जगह बनाई हैं, जिनके पास व्हाइट-बॉल क्रिकेट में एक से ज्यादा खिताब हैं. बता दें रोहित को आखिरी बार चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में कप्तानी करते देखा गया था.
मनोज तिवारी ने इस फैसले को रोहित के लिए अपमानजनक बताया है. रोहित जैसा खिलाड़ी जिसने क्रिकेट जगत और क्रिकेट प्रेमियों को इतना कुछ दिया उनके साथ ऐसा करना सही है? उन्होंने आगे कहा कि ये फैसला साफ दर्शाता है कि मैनेजमेंट और कोच को आगामी 2027 विश्व कप के लिए रोहित पर विश्वास नहीं था. शायद उन्हें हिटमैन की काबीलियत पर शक है. रोहित बड़े खिलाड़ी हैं और बड़ा खिलाड़ी हमेशा रन बनाता है. रोहित की काबिलियत पर शक करना गलत था. उन्हें कप्तानी से हटाना भी बड़ी गलती थी.'