मुंबईः मुंबई महानगर पालिका के आगामी चुनावों के लिए बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने रविवार को अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है. इस घोषणापत्र में सबसे ज्यादा चर्चा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल की हो रही है. उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक बड़ा चुनावी वादा करते हुए कहा कि मुंबई को अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या प्रवासियों से मुक्त करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया जाएगा.
घोषणापत्र जारी करते समय देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि महायुति का लक्ष्य मुंबई को अवैध प्रवासियों के प्रवाह से मुक्त करना है. उन्होंने कहा, "हम IIT की मदद से एक विशेष AI टूल विकसित करेंगे, जो शहर में रह रहे अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान करने में सक्षम होगा." फडणवीस ने जोर देकर कहा कि तकनीक के माध्यम से शहर की सुरक्षा और जनसांख्यिकीय संतुलन को बनाए रखा जाएगा. इसके अलावा, भ्रष्टाचार को रोकने और नगर निगम के स्कूलों में AI लैब बनाने का भी वादा किया गया है.
फडणवीस ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली अविभाजित शिवसेना पर निशाना साधते हुए कहा कि मुंबई ने नागरिक शासन में पिछले 25 वर्षों से केवल भ्रष्टाचार और अक्षमता देखी है. उन्होंने वादा किया कि महायुति का लक्ष्य भ्रष्टाचार मुक्त नगर निगम बनाना है, जहां नागरिकों को उनके मोबाइल फोन पर ही सभी सरकारी सेवाएं प्राप्त होंगी. इसके लिए प्रशासन में जापानी टेक्नोलॉजी को स्थानीय जरूरतों के साथ जोड़ा जाएगा.
बाढ़-मुक्त मुंबई
घोषणापत्र में मुंबई की सबसे बड़ी समस्या बाढ़ के समाधान के लिए ₹17,000 करोड़ के क्लाइमेट एक्शन प्लान की घोषणा की गई है. अगले पांच वर्षों में शहर को बाढ़-मुक्त बनाने के लिए चार नए अंडरग्राउंड टैंक और ड्रेनेज लाइनों के पुनर्गठन का वादा किया गया है. बसों की संख्या 5,000 से बढ़ाकर 10,000 करना और महिलाओं को किराए में 50% की छूट.
बीएमसी में सांस्कृतिक विभाग की स्थापना और संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन के इतिहास को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करना. छोटे व्यवसायों का अपग्रेडेशन और अयोग्य निवासियों को भी आवास योजना में शामिल करना. नागरिक अस्पतालों को AIIMS स्तर तक ले जाना और डिजिटल हेल्थ कार्ड जारी करना.
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आधुनिकीकरण के साथ-साथ मराठी गौरव और स्थानीय समुदायों की सुरक्षा पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि कोलीवाडा और गावठान के रीडेवलपमेंट के दौरान कोली समुदाय और मूल निवासियों की आजीविका व पहचान की रक्षा की जाएगी. साथ ही, रुकी हुई 20,000 इमारतों को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट देने का भी वादा किया गया.