menu-icon
The Bharatvarsh News

Govt Advisory or Painkillers: "मेफ्टाल पेनकिलर" को लेकर सरकार ने जारी किया अलर्ट, ज्यादा इस्तेमाल हो सकता है घातक

Govt Advisory or Painkillers: मेफ्टाल एक आमतौर पर इस्तेमाल किया जाने वाला पेनकिलर है, जिसे लेकर भारत सरकार की ओर से अलर्ट जारी किया गया है. कहा गया है कि इसके सेवन से शरीर के अंदर एलर्जिक इन्फेक्शन हो सकता है.

Calendar Last Updated : 08 December 2023, 10:25 AM IST
Share:

Meftal Painkiller Alert:  हमें आम दिनों में जब भी सर दर्द, बदन दर्द या शरीर के किसी भी हिस्से में दर्द होता है तो हम अपने घर में रखी कोई भी पेनकिलर खा लेते हैं और इससे हमें त्वरित रूप में आराम भी मिलता है. ऐसा ही एक पेनकिलर है मेफ्टाल. लेकिन डॉक्टर्स के अनुसार, बिना डॉक्टर्स के सलाह के किसी भी तरह की दवाई लेना खतरनाक साबित हो सकता है. भारतीय फार्माकोपिया आयोग (IPC) ने डॉक्टर्स और आम लोगों को पैन किलर मेडिसिन "मेफ्टाल" को लेकर सेफ्टी अलर्ट जारी किया है. अलर्ट में कहा गया है कि मेफ्टाल के ज्यादा सेवन से ड्रेस सिंड्रोम जैसी गंभीर एलर्जी बढ़ सकती है. इसका असर पूरे शरीर पर हो सकता है जिसकी वजह से परेशानी बढ़ सकती है. 

भारतीय फार्माकोपिया आयोग (IPC) की तरफ से 30 नवंबर को जारी किये गए इस अलर्ट में कहा गया है कि  ‘‘स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों, रोगियों-उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे संदिग्ध दवा के इस्तेमाल से जुड़ी उपरोक्त प्रतिकूल प्रतिक्रिया (एडीआर) की संभावना पर बारीकी से नजर रखें.’’

ज्यादा इस्तेमाल हो सकता है घातक 

अलर्ट के अनुसार, मरीज़ और डॉक्टरों को सलाह दी गयी है कि अगर मेफ्टाल के स्वान से किसी तरह का प्रतिकूल असर सामने आता है तो इसे इग्नोर न करें. तुरंत इसका इसका इस्तेमाल बंद कर दें और डॉक्टर से संपर्क करें. हालाँकि डॉक्टर्स के मुताबिक इस तरह के रिएक्शन के चान्सेस बहुत रेयर होते हैं. लेकिन किसी भी दवा का राशन अलग-अलग शरीर पर अलग तरह से होता है. ऐसे में जब डॉक्टर खुद कोई दवा देते हैं तो वो सिमित खुराक में देते हैं. 

क्या होता है ड्रेस सिंड्रोम 

दर्द निवारक दवा मेफ्टाल के अत्यधिक इस्तेमाल से ड्रेस सिंड्रोम की सम्भावना बढ़ जाती है. ड्रेस सिंड्रोम एक एलर्जी रिएक्शन है. इसका मतलब ड्रग रैश विद इओसिनोफिलिया एंड सिस्टमिक सिम्पटम्स है. करीब 10 प्रतिशत लोगों में होने वाली ये बिमारी कई बार बेहद खतरनाक साबित हो सटी है. दवाओं के कारण होने वाली इस एलर्जी के रिएक्शन से बुखार, त्वचा पर लाल चकत्ते, लिम्फैडेनोपैथी, खून संबंधी परेशानी और कई बार अंदरूनी अंग भी प्रभावित होते हैं. खासतौर पर दो से आठ हफ्ते के भीतर इसका असर देखने को मिलता है.

बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के आसानी से मिल जाती है दवा 

भारत में आसानी से किसी भी मेडिकल स्टोर पर बिना किसी डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के दवाएं मिल जाती हैं. कभी खुद के मन से तो काफी गूगल से पूछ कर तो कभी दुकानदार के ज्ञान पर ही भरोसा करके हम पेनकिलर और बुखार में काम आने वाली दवाइयां खरीद लेते है. शरीर में किसी भी हिस्से में दर्द होने पर लोग आमतौर पर मेफ्टाल का इस्तेमाल करते हैं. खासतौर पर महिलाओं के लिए पीरियड्स में होने वाले दर्द में ये तुरंत राहत भी पहुंचाता है. इसके अलावा सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़े के दर्द में भी लोग मेफ्टाल का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन IPC ने अब ने इसके ज्यादा इस्तेमाल से होने वाली बिमारी को लेकर अलर्ट जारी किया है.

सम्बंधित खबर

Recent News