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बांग्लादेश में राजनीतिक हिंसा की नई लहर, एक और युवा नेता पर गोलीबारी

बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता का दौर जारी है. पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से देश में छात्र आंदोलन और युवा नेताओं की भूमिका प्रमुख रही है, लेकिन हाल की घटनाओं ने हिंसा की नई श्रृंखला शुरू कर दी है.

Calendar Last Updated : 22 December 2025, 01:58 PM IST
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बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता का दौर जारी है. पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से देश में छात्र आंदोलन और युवा नेताओं की भूमिका प्रमुख रही है, लेकिन हाल की घटनाओं ने हिंसा की नई श्रृंखला शुरू कर दी है.

शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या के बाद उत्पन्न अशांति अभी थमी भी नहीं थी कि सोमवार को खुलना में एक और प्रमुख युवा नेता पर जानलेवा हमला हो गया. यह घटना देश में आगामी संसदीय चुनावों से पहले सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठा रही है.

एक बार फिर बढ़ा तनाव 

बांग्लादेश नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) के खुलना डिवीजनल प्रमुख मोतालेब सिकदर पर सोमवार को दिनदहाड़े गोलीबारी की गई. हमलावरों ने उन्हें सिर के बाईं ओर निशाना बनाया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए. स्थानीय लोगों ने उन्हें तुरंत बचाया और खुलना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है.

हादी की हत्या और उसके परिणाम

हादी इंकलाब मंच के संस्थापक और प्रमुख चेहरा थे, जिन्होंने शेख हसीना सरकार के खिलाफ छात्र आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान दिया था. वे फरवरी 2026 में होने वाले संसदीय चुनावों में स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में उतरने की तैयारी कर रहे थे. इस महीने की शुरुआत में ढाका में प्रचार के दौरान उन पर सिर में गोली मारकर हमला किया गया. उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, फिर बेहतर इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया, जहां पिछले सप्ताह उनकी मौत हो गई. हादी की मौत की खबर फैलते ही पूरे बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. समर्थकों ने आरोप लगाया कि हत्यारे भारत भाग गए हैं और उनकी गिरफ्तारी की मांग की.

यूनुस का अंतिम संस्कार में संबोधन

बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस की मौजूदगी में हादी का अंतिम संस्कार किया गया. यूनुस ने हत्यारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा करते हुए हादी को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि हादी के आदर्शों को बांग्लादेश कभी नहीं भूलेगा. लाखों लोग आज यहां एकत्र हुए हैं, और करोड़ों बांग्लादेशी उनके योगदान को याद रखेंगे. हम वादा करते हैं कि उनके बताए रास्ते पर चलेंगे और आने वाली पीढ़ियां भी यह वादा निभाएंगी.

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