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पाकिस्तान को क्या AMRAAM मिसाइल भेज रहा अमेरिका? दूतावास ने बताई पूरी सच्चाई

AMRAAM Missiles: भारत स्थित अमेरिकी दूतावास ने पाकिस्तान को उन्नत हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की बिक्री की खबरों पर स्थिति स्पष्ट की है.

Calendar Last Updated : 10 October 2025, 09:20 AM IST
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AMRAAM Missiles: भारत स्थित अमेरिकी दूतावास ने पाकिस्तान को उन्नत हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की बिक्री की खबरों पर स्थिति स्पष्ट की है. दूतावास ने कहा कि यह केवल रखरखाव और पुर्जों से संबंधित अनुबंध है, न कि नई मिसाइलों की आपूर्ति.

मीडिया रिपोर्ट्स में पिछले कुछ दिनों से कई दावा किया जा रहा था कि अमेरिका पाकिस्तान को AIM-120 AMRAAM मिसाइलें दे सकता है. इन खबरों से क्षेत्रीय सैन्य संतुलन पर सवाल उठ रहे थे. कुछ प्रकाशनों ने कहा कि यह बिक्री पाकिस्तान के F-16 बेड़े को मजबूत कर सकती है. हालांकि, अमेरिकी दूतावास ने इन दावों को गलत बताया. प्रेस विज्ञप्ति में साफ कहा गया कि यह अनुबंध संशोधन केवल स्थायित्व और पुर्जों के लिए है. इसमें पाकिस्तान की मौजूदा हवाई युद्ध क्षमता को बढ़ाने वाला कोई बदलाव शामिल नहीं है.

अमेरिकी युद्ध विभाग ने दी जानकारी 

अमेरिकी युद्ध विभाग ने 30 सितंबर, 2025 को कई अनुबंध घोषणाएं जारी की थीं. इनमें से एक पाकिस्तान के लिए विदेशी सैन्य बिक्री अनुबंध में संशोधन था. दूतावास ने बताया कि यह संशोधन केवल मौजूदा प्रणालियों के रखरखाव और सहायता के लिए है. इसमें कोई नई उन्नत मध्यम दूरी की मिसाइलों की आपूर्ति शामिल नहीं है. विज्ञप्ति में कहा गया कि यह संशोधन पाकिस्तान की किसी भी मौजूदा क्षमता को उन्नत नहीं करता. अमेरिकी दूतावास का यह बयान क्षेत्रीय सैन्य संतुलन को लेकर संवेदनशीलता दर्शाता है. दक्षिण एशिया में भारत और पाकिस्तान के बीच संतुलन एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है. 

दूतावास ने दी सफाई 

दूतावास ने साफ किया कि यह अनुबंध केवल तकनीकी सहायता और पुर्जों की आपूर्ति तक सीमित है. यह कदम क्षेत्र में किसी भी गलतफहमी को दूर करने की कोशिश है. दूतावास ने यह भी कहा कि कुछ मीडिया ने इस अनुबंध के दायरे को गलत तरीके से पेश किया. अमेरिकी दूतावास ने बताया कि इस तरह के अनुबंध रक्षा खरीद की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं. कई देशों के साथ ऐसे समझौते किए जाते हैं, जिनमें स्पेयर पार्ट्स, रखरखाव और तकनीकी सहायता शामिल होती है. यह अनुबंध भी उसी श्रेणी में आता है. दूतावास ने War.gov वेबसाइट का लिंक भी साझा किया, जहां इस अनुबंध की सही जानकारी उपलब्ध है.

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