नई दिल्ली: हम सभी की रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ न कुछ ऐसी आदतें होती हैं, जो देखने में मामूली लगती हैं लेकिन धीरे-धीरे वो हमारे शरीर और मन दोनों पर बुरा असर डालती हैं. कभी कम पानी पीना, कभी देर रात खाना या फिर नींद की अनदेखी—ये छोटी आदतें समय के साथ थकान, चिड़चिड़ापन और बीमारियों की वजह बन सकती हैं.
अच्छी बात यह है कि सेहत सुधारने के लिए बहुत बड़े बदलाव जरूरी नहीं होते. एक-एक आदत बदलकर भी आप खुद को बेहतर महसूस कर सकते हैं. आइए जानते हैं रोज़मर्रा की 10 ऐसी आम आदतों के बारे में, जो आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं-
हमारा शरीर ज्यादातर पानी से बना है, इसलिए पानी की कमी सीधे हमारी सेहत को प्रभावित करती है. पर्याप्त पानी न पीने से थकान, सिरदर्द, ध्यान की कमी और त्वचा से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. आपकी बॉडी का हाइड्रेशन रहना बहुत जरूरी है.
रात को बहुत देर से खाना खाने से पाचन खराब हो सकता है और वजन बढ़ने का खतरा रहता है. इसके अलावा, इससे नींद भी प्रभावित होती है और एसिडिटी जैसी समस्या हो सकती है. कोशिश करें कि सोने से कम से कम 2–3 घंटे पहले खाना खा लें.
कम चलना-फिरना शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक है. नियमित व्यायाम से वजन कंट्रोल में रहता है, दिल मजबूत होता है और मानसिक तनाव भी कम होता है. रोज़ 30 मिनट की हल्की एक्सरसाइज या तेज़ चलना भी काफी फायदेमंद है.
नींद की कमी से न सिर्फ थकान बढ़ती है, बल्कि इम्यून सिस्टम भी कमजोर होता है. लंबे समय तक कम नींद लेने से दिल की बीमारी, मोटापा और तनाव का खतरा बढ़ सकता है. वयस्कों को रोज़ 7–8 घंटे की नींद लेने की कोशिश करनी चाहिए.
बहुत अधिक नमक खाने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है.
बाहर का और प्रोसेस्ड खाना नमक से भरपूर होता है. घर का ताज़ा खाना खाएं और स्वाद बढ़ाने के लिए नमक की जगह मसालों और जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल करें.
कई बार पैकेट पर लिखा होता है 'फैट फ्री' या 'शुगर फ्री' या कुछ कंपनियां तो पूर्ण रूप से शुद्धता का दावा करती हैं लेकिन अंदर छिपी चीजें सेहत के लिए अच्छी नहीं होतीं. इस कारण हमेशा लेबल पढ़ें और प्राकृतिक चीजों जैसे फल और सब्जियों को प्राथमिकता दें.
काम करते हुए खाना खाने से आप जरूरत से ज्यादा खा सकते हैं. बेहतर है कि खाना खाते समय स्क्रीन से दूर रहें और आराम से बैठकर भोजन करें, ताकि शरीर को पेट भरने का सही संकेत मिल सके.
जैतून का तेल सेहत के लिए अच्छा है, लेकिन तेज़ आंच पर पकाने के लिए नहीं. ज्यादा गर्म करने पर इसके पोषक तत्व नष्ट हो सकते हैं. इसे सलाद या हल्की आंच पर पकाने में इस्तेमाल करें.
खुद को पूरी तरह मीठे से दूर रखना कई बार उल्टा असर करता है. इससे बाद में ज्यादा खाने की इच्छा हो सकती है. संतुलन बनाए रखने के लिए कभी-कभार थोड़ा मीठा खाना ठीक है.
रसोई में इस्तेमाल होने वाला स्पंज बैक्टीरिया का घर बन सकता है. इसे रोज़ साफ करें और हर 1–2 हफ्ते में बदल दें, ताकि संक्रमण का खतरा न रहे.