कीवी या पपीता? किस फल से नेचुरली तरीके से जल्दी बढ़ेगा आपका प्लेटलेट

हमारा शरीर स्वस्थ रहने के लिए कई महत्वपूर्ण तत्वों पर निर्भर करता है. इनमें से एक हैं प्लेटलेट्स, जो रक्त के थक्के बनाकर घाव भरने और रक्तस्राव रोकने में मदद करते हैं.

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Courtesy: Social Media

Kiwi vs Papaya: हमारा शरीर स्वस्थ रहने के लिए कई महत्वपूर्ण तत्वों पर निर्भर करता है. इनमें से एक हैं प्लेटलेट्स, जो रक्त के थक्के बनाकर घाव भरने और रक्तस्राव रोकने में मदद करते हैं. कम प्लेटलेट्स की स्थिति खतरनाक हो सकती है, खासकर डेंगू जैसे रोगों में. ऐसे में सवाल उठता है कि प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए कीवी और पपीता में से कौन सा फल बेहतर है? आइए, दोनों की तुलना करें और जानें.

विटामिन सी: रोग प्रतिरोधक क्षमता का आधार

कीवी में विटामिन सी की प्रचुर मात्रा होती है. यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और रक्त वाहिकाओं को मजबूत करता है. कोलेजन निर्माण में भी यह मदद करता है. दूसरी ओर, पपीता भी विटामिन सी का अच्छा स्रोत है, लेकिन इसकी मात्रा कीवी से थोड़ी कम होती है. दोनों ही फल इस मामले में लाभकारी हैं. कीवी में फोलेट होता है, जो लाल रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. वहीं, पपीते के पत्तों का रस डेंगू बुखार में प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए पारंपरिक रूप से उपयोग होता है. पपीते का यह गुण इसे खास बनाता है.

एंटीऑक्सीडेंट: कोशिकाओं की सुरक्षा

कीवी में पॉलीफेनॉल और कैरोटीनॉयड जैसे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो प्लेटलेट्स को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाते हैं. पपीता भी बीटा-कैरोटीन और फ्लेवोनॉयड से भरपूर है, जो शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करता है. दोनों फल इस मामले में प्रभावी हैं. कीवी में एक्टिनिडिन नामक एंजाइम होता है, जो डाइजेशन को बेहतर बनाता है. यह पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाकर रक्त स्वास्थ्य का समर्थन करता है. पपीता में मौजूद पपेन एंजाइम भी पाचन को सुचारू बनाता है. यह शरीर को प्लेटलेट्स के निर्माण के लिए पोषक तत्वों का उपयोग करने में मदद करता है.

हाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट्स

कीवी पोटेशियम और जल प्रदान करता है, जो बुखार से उबरने में सहायक है. पपीता, अपनी उच्च जल सामग्री के कारण, निर्जलीकरण को रोकता है और कोशिकीय स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है. दोनों फल इस मामले में उपयोगी हैं. कीवी में सूजनरोधी गुण होते हैं, जो अस्थि मज्जा को प्लेटलेट्स बनाने में सहायता करते हैं. पपीता में काइमोपापेन और पपेन जैसे तत्व सूजन को कम करते हैं, जिससे रिकवरी तेज होती है.

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