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इस करवा चौथ खास बनाए सरगी, स्वाद के साथ स्वास्थ्य का भी रखें ख्याल

Karwa Chauth Sargi: करवा चौथ 2025 का उत्साह पूरे भारत में छाया हुआ है. महिलाएं इस पवित्र दिन के लिए तैयार हो रही हैं, जो प्रेम, भक्ति और व्रत का प्रतीक है. सूर्योदय से पहले का खास पल होता है सरगी, जो सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि व्रत की ताकत और भावनात्मक गर्मजोशी का स्रोत है.

Calendar Last Updated : 07 October 2025, 03:20 PM IST
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Karwa Chauth Sargi: करवा चौथ 2025 का उत्साह पूरे भारत में छाया हुआ है. महिलाएं इस पवित्र दिन के लिए तैयार हो रही हैं, जो प्रेम, भक्ति और व्रत का प्रतीक है. सूर्योदय से पहले का खास पल होता है सरगी, जो सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि व्रत की ताकत और भावनात्मक गर्मजोशी का स्रोत है. पारंपरिक रूप से सास द्वारा तैयार की जाने वाली सरगी को अब आधुनिक जीवनशैली के हिसाब से संतुलित और पौष्टिक बनाने की जरूरत है. आइए, जानते हैं कि सरगी को कैसे बनाएं स्वस्थ और व्रत को आसान.  

न्यूट्रिशनिस्ट बताते हैं कि पराठा भले ही स्वादिष्ट और पेट भरने वाला लगे, लेकिन इसमें कार्बोहाइड्रेट और तेल की मात्रा ज्यादा होती है. इससे शुगर लेवल तेजी से बढ़ता और फिर गिरता है, जिससे थकान जल्दी हो सकती है. पराठे की जगह संतुलित भोजन चुनें. दूध या दही, चिया सीड्स, मेवे और मौसमी फलों के साथ ओट्स का कटोरा बनाएं. यह प्रोटीन, फाइबर और धीमी ऊर्जा देता है, जो आपको 15 घंटे के व्रत में सक्रिय रखेगा.

व्रत तोड़ने का सबसे अच्छा तरीका  

लंबे व्रत के बाद भारी भोजन या चाय पीना पेट के लिए नुकसानदायक हो सकता है. व्रत तोड़ने से पहले नारियल पानी पिएं. यह प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होता है, जो शरीर को धीरे-धीरे हाइड्रेट करता है. यह थकान और एसिडिटी को कम करता है. नारियल पानी एक छोटा सा अनुष्ठान है, जो शरीर को व्रत की स्थिति से सामान्य स्थिति में लाने में मदद करता है.  

प्यार और सेहत का अनोखा रिश्ता  

करवा चौथ सिर्फ व्रत का दिन नहीं, बल्कि प्रेम और रिश्तों को मजबूत करने का अवसर भी है. विज्ञान कहता है कि खुश पत्नी पति की सेहत और लंबी उम्र में योगदान देती है. इसलिए, सरगी और पानी के साथ-साथ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें. अपनी पत्नी के काम में मदद करें, उनके साथ हल्के-फुल्के पल बिताएं और उनकी तारीफ करें. ये छोटे प्रयास रिश्तों को और गहरा बनाते हैं. करवा चौथ की परंपराएं हमें जोड़ती हैं, लेकिन इन्हें समझदारी से अपनाने का समय है. संतुलित सरगी, सही हाइड्रेशन और प्रेम भरे छोटे-छोटे कदम इस दिन को सिर्फ व्रत का नहीं, बल्कि तंदुरुस्ती और प्यार का उत्सव बना सकते हैं. 

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