नई दिल्ली: आज के समय में फिट रहना और जिम जाकर अपनी बॉडी बनना जैसे पैशन बन गया है. कुछ लोग इस पैशन में जिम जाना तो शुरु कर देते हैं लेकिन उसे नियमित नहीं रख पाते हैं. जिम जाना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है उसमें नियमित बने रहना. शुरुआत में जोश और उत्साह बहुत ज्यादा होता है, लेकिन समय के साथ कई लोग अनियमित हो जाते हैं. अक्सर लोग सोचते हैं कि अगर एक हफ्ते जिम नहीं गए तो शरीर पर क्या ही फर्क पड़ जाएगा. लेकिन उनका ऐसा सोचना पूरी तरह सही नहीं है.
एक विशेषज्ञ के अनुसार, एक हफ्ते का ब्रेक लेने से ताकत में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन इसके कुछ फायदे भी होते हैं. यह ब्रेक शरीर को आराम देने, थकान कम करने और दोबारा बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करता है.
एक हफ्ते तक वर्कआउट न करने से शरीर का तंत्रिका तंत्र थोड़ी सुस्त हो जाती है. इस वजह से जब आप दोबारा जिम जाते हैं तो वजन पहले से भारी लगता है. हालांकि, घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि इतने कम समय में ताकत पूरी तरह खत्म नहीं होती है.
3. मांसपेशियों की सूजन कम
ब्रेक के दौरान मांसपेशियों में रक्त का प्रवाह और पानी की मात्रा थोड़ी घट जाती है. इससे मसल्स की फुलनेस कम लगती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मांसपेशियां खत्म हो रही हैं.
कुछ दिनों तक एक्सरसाइज न करने से शरीर और दिमाग के बीच तालमेल थोड़ा कमजोर पड़ सकता है. इस कारण वजन उठाते समय या तेजी से मूवमेंट करते हुए आप पहले जैसा एनर्जी महसूस नहीं करते.
एक हफ्ते का ब्रेक मानसिक रूप से भी फायदेमंद हो सकता है.
हालांकि इस दौरान मोटिवेशन थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन दिमाग तरोताजा हो जाता है और तनाव कम होता है.
लगातार ट्रेनिंग से जो थकान शरीर और नसों में जमा हो जाती है, वह इस ब्रेक के दौरान खत्म हो जाती है. अक्सर देखा गया है कि ब्रेक के बाद लोग पहले से बेहतर प्रदर्शन करते हैं.