India-Maldives: पीएम मोदी पर टिप्पणी के बाद एक्शन में दिखी केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय पहुंचे मालदीव के उच्चायुक्त

India-Maldives Row: प्रधानमंत्री मोदी पर टिप्पणी के बाद विदेश मंत्रालय ने स्वंत संज्ञान लेते हुए भारत में मौजूद मालदीव के उच्चायुक्त को तलब किया है. वह अपने दूतावास से निकलकर मंत्रालय पहुंच गए हैं.

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India-Maldives Row: भारत और मालदीव के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है, केंद्र सरकार ने आज सुबह ही मालदीव के राजदूत को तलब किया है. विदेश मंत्रालय के लिए मालदीव के हाई कमिश्नर इब्राहिम शाहीब अपने दूतावास से निकलकर दिल्ली के साउथ ब्लॉक में मौजूद विदेश मंत्रालय पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी के लक्षद्वीप टूर के दौरान मालदीव के सांसदों की आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में राजदूत को तलब किया है.  

पीएम मोदी पर टिप्पणी के बाद भारतीयों का एक्शन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर मालदीव के सांसदों की आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपना लिया है. तत्काल प्रभाव से विदेश मंत्रालय ने मालदीव के राजदूत को तलब किया है. इसी कड़ी में चार हजार के करीब भारतीयों ने मालदीव के होटलों में बुकिंग रद्द करा दी है, साथ ही तीन हजार टिकट को कैंसिल कराया है. भारतीय उच्चायुक्त ने भी मालदीव सरकार के सामने अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है. 

भारतीयों ने जताई नाराजगी 

निशांत पिट्टी ने सोशल साइट एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्र के प्रति एकता दिखाते हुए EaseMyTrip ने मालदीव की तरफ उड़ान भरने वाली सभी फ्लाइट कैंसिल करने का फैसला किया है. इसके साथ ही कंपनी ने  'चलो लक्षद्वीप' अभियान शुरू किया है. कंपनी के सीईओ ने कहा कि लक्षदीप का पानी और समुद्र तट मालदीव की तरह सुंदर हैं. आप यहां पर भी प्रकृति की खूबसूरती का लुत्फ उठा सकते हैं. अब इस द्वीप को आकर्षित करने के लिए कंपनी नए ऑफर लाएगी. 

सोशल मीडिया पर मालदीव बॉयकॉट हुआ ट्रेंड

भारत और मालदीव के बीच बढ़ते विवाद के बीच सोशल मीडया पर  #Boycott Maldives ट्रेंड करने लगा. इसी के बाद कई भारतीयों ने मालदीव में छुट्टियां रद्द करना शुरू कर दिया. बता दें कि मालदीव के मंत्रियों ने पीएम मोदी आपत्तिजनकर टिप्पणी करते हुए उनकी लक्षद्वीप की यात्रा का मजाक बनाया था. जिसके बाद भारतीय नाराज हो गए और उनकी आलोचना करने लगे. इसी के साथ मालदीव ने इस मामले में स्वंत संज्ञान लेते हुए अपने तीन सांसदों को संस्पेंड कर दिया. इस मुद्दे पर आधिकारिक तौर पर मालदीव सरकार का कहना है कि यह सांसदों की निजी राय थी. इससे सरकार का कोई लेना-देना नहीं है.