Chandrayaan-3: आज चंद्रयान-3 चांद का करेगा दीदार, जानिए अंतरिक्ष यान के आखिरी 15 मिनट में क्या होता है

Chandrayaan-3: बीते 4 सालों में चार देशों जैसे जापान, भारत, इस्राइल, रूस की सरकारी एंव निजी अंतरिक्ष एजेंसियों ने चंद्रमा पर अपने अंतरिक्ष यान को उतारने का प्रयास किया है. लेकिन ये अपना उद्देश्य पूरा नहीं कर पाए. उपग्रह को मिशन को अंतिम चरण देने में लैंडिंग प्रक्रिया के दरमियान समस्याओं से लड़ना पड़ा एंव […]

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Chandrayaan-3: बीते 4 सालों में चार देशों जैसे जापान, भारत, इस्राइल, रूस की सरकारी एंव निजी अंतरिक्ष एजेंसियों ने चंद्रमा पर अपने अंतरिक्ष यान को उतारने का प्रयास किया है. लेकिन ये अपना उद्देश्य पूरा नहीं कर पाए. उपग्रह को मिशन को अंतिम चरण देने में लैंडिंग प्रक्रिया के दरमियान समस्याओं से लड़ना पड़ा एंव ये चंद्रमा की सतह पर क्षतिग्रस्त हो गए. साल 2019 में चंद्रयान-2 मिशन से पूर्व इसरो के तत्कालीन अध्यक्ष के सिवन ने लैंडिंग के अंतिम चरण के 15 मिनट को दहशत भरा बताया है. चंद्रमा पर उतरना मिशन का सबसे मुश्किल समय माना जाता है.

चंद्रयान-2

2019 के 6 सितंबर को भारत का महत्वाकांक्षी चंद्र मिशन चंद्रयान-2 चंद्रमा के मात्र 2 किमी पर जाकर कही खो गया था. सतह की ओर बढ़ रहा लैंडर विक्रम का चांद की सतह से 2.1 किमी पूर्व ही इसका संपर्क टूट गया था. इससे पूर्व सारी चीजें सही तरह से चल रही थी. वहीं इस घटना से इसरो के कंट्रोल रूम में एकदम से सन्नाटा फैल गया. उस वक्त इसरो के चेयरमैन के. सिवन ने इन पलों को ‘दहशत के 15 मिनट’ बताया था. पहले चरण में चंद्रयान-2 30 किलोमीटर से 7.4 किलोमीटर आया था. इस पूरे कार्य में 10 मिनट का समय लगा था. जिसके बाद इसरो का कंट्रोल पूरी तरह खत्म हो गया था. मिशन ने 5 किमी तक नीचे उतर गया. इसमें चंद्रयान ने 38 सेकंड का वक्त लिया. इसके दरमियान आगे बढ़कर विक्रम के चार इंजन चालू हुए थे. लैंडर विक्रम से इसरो का जो संपर्क था, तीसरे चरण के दरमियान टूटा था. इसके बाद कोई बाद इसकी कोई जानकारी नहीं मिली थी.

मिशन की गति हो गई थी धीमी

चौथे चरण में 400 मी. ऊपर से 100 मी. तक जाकर विक्रम को रुक जाना था. यहां दो क्रेटर मौजूद हैं, पहला सिंपेलियस एंव दूसरा मैजिनियस इन दोनों क्रेटरों की दूरी 1.6 किलोमीटर है. उसे 100 मी. की ऊंचाई से 10 मी. तक पहुंचने में 65 सेकेंड लगना था वहीं 10 मी. की ऊंचाई पर पहुंच जाने के बाद लैंडर का पांचवे इंजन की शुरूआत होनी थी. लेकिन दुर्भाग्यवश ये सारी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई.