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केवल युद्ध नहीं, सेवा भी करते हैं भारतीय सैनिक, राष्ट्रीय सेना दिवस पर जानिए भारतीय सेना की 5 अनसुनी भूमिकाएं

भारत में हर साल 15 जनवरी के दिन राष्ट्रीय सेना दिवस मनाया जाता है. इस दिन भारतीय सेना की कमान पहली बार एक भारतीय कमांडर-इन-चीफ को सौंपी गई थी. इस अवसर पर सेना की पांच अहम बातों के बारे में जानें, जिससे जनता बिलकुल भी अवगत नहीं है.

Calendar Last Updated : 15 January 2026, 10:17 AM IST
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नई दिल्ली: भारत में हर साल 15 जनवरी के दिन राष्ट्रीय सेना दिवस मनाया जाता है. ये दिन इसलिए भी खास है क्योंकि इसी दिन भारतीय सेना की कमान पहली बार एक भारतीय कमांडर-इन-चीफ को सौंपी गई थी. राष्ट्रीय सेना दिवस केवल परेड और सलामी का दिन नहीं है. यह उन जवानों के निरंतर त्याग, अनुशासन और निस्वार्थ सेवा को याद करने का अवसर है, जो बिना किसी शोर-शराबे के हर परिस्थिति में देश के साथ खड़े रहते हैं. 

यही भारतीय सेना की असली पहचान है. भारतीय सेना कई ऐसे काम भी करती है, जिनकी चर्चा अक्सर नहीं होती, लेकिन जिनका असर आम लोगों की जिंदगी पर गहरा पड़ता है. तो आज हम अपने इस आर्टिकल में सेना की ऐसी पांच अहम बातों के बारे में बताने जा रहे हैं जिससे जनता बिलकुल भी अवगत नहीं है. 

आपदा में सबसे पहले मददगार

जब देश किसी भी मुसीबत या परेशानी से जूझता है तो सबसे पहले मदद के लिए भारतीय सेना ही आती है. देश में बाढ़, भूकंप, भूस्खलन या चक्रवात जैसी कोई भी आपदाएं आती है और हालात बेकाबू होते हैं तो सेना हमेशा मदद के लिए खड़ी रहती है. किसी भी परिस्थिती में भारतीय सेना आमजन की मदद के लिए कठिन परिस्थिती में भी पहुंचती है. 

पड़ोसी देशों के लिए भी सहारा

भारतीय सेना सिर्फ देश के भीतर ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर पड़ोसी देशों की भी मदद करती है. भूकंप, प्राकृतिक आपदा या किसी अन्य संकट के समय सेना ने चिकित्सा सहायता, राहत सामग्री और बचाव कार्यो के जरिए कई देशों की सहायता की है. इन अभियानों का मकसद राजनीति नहीं, बल्कि मानवता की मदद करना होता है. ऐसे भारतीय सेना केवल अपने देशवासियों की ही नहीं बल्कि देश के बाहर भी मदद और सुरक्षा की भावना रखते हैं. 

चुनाव के दौरान सुरक्षा की जिम्मेदारी

दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनाव एक बड़ी प्रक्रिया होती है. दूरदराज के इलाकों और संवेदनशील क्षेत्रों में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सेना के जवान तैनात किए जाते हैं. उनकी मौजूदगी से सुरक्षा बनी रहती है और लोग बिना डर के अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर पाते हैं. 

दुर्गम इलाकों में विकास की राह बनाना

देश के कई दूर या पहाड़ी इलाकों में सड़कें, पुल और हवाई पट्टियां सेना के सहयोग से ही बन पाती है. इन निर्माण कार्यों से न सिर्फ सुरक्षा मजबूत होती है, बल्कि गांवों का संपर्क भी बेहतर होता है. इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक पहुंच आसान बनती है. लेकिन सेना के इन कामों के बारे में किसी भी ज्यादा जानकारी नहीं है. 

करते हैं जानवरों की भी देखभाल

भारतीय सेना के जवान केवल भारतीय नागरिकों की सुरुक्षा की जिम्मेदारी ही नहीं लेते बल्कि वह आपदा के समय इंसानों के साथ जानवरों की भी मदद करते हैं. पशु चिकित्सा शिविर लगाकर बीमार या घायल पशुओं का इलाज किया जाता है. चूंकि पशुधन कई परिवारों की आजीविका का साधन होता है, इसलिए यह मदद उनके जीवन को फिर से पटरी पर लाने में अहम भूमिका निभाती है.
 

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