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देश में 26 जनवरी को लागू हुआ था संविधान, फिर 26 नवंबर को क्यों मनाया जाता है संविधान दिवस

देश में आज संविधान दिवस मनाया जा रहा है. ऐसे में यह सवाल उठता है कि अगर देश में 26 जनवरी 1950 को संविधान को लागू किया गया था तो हम संविधान दिवस 26 नवंबर को क्यों मनाते हैं. संविधान के लागू होने पर गणतंत्रता दिवस मनाया जाता है लेकिन आज क्या है जिसे मनाया जा रहा है?

Calendar Last Updated : 26 November 2024, 09:28 AM IST
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Constitution Day 2024:  भारत एक विविधतापूर्ण देश है. जहां हर दस किलोमीटर की दूरी पर बोली बदल जाती है. वहीं कुछ मिलों की दूरी पर भाषा और वेश-भूषा भी बदल जाता है. यहां हर किसी की अपनी पहचना और अपनी परंपरा है. इस देश में सभी लोगों की आजादी है. यहां हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध समेत कई धर्में हैं. इतने असमानताएं होने के बाद भी पूरा देश एक है. सभी तरह के लोग एक बंधन से बंधे हैं. सभी लोगों को एक साथ लाने के लिए संविधान बनाया गया है. जो की देश के हर नागरिक के लिए एक है. 

संविधान को भारत में 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था. इस दिन को हम गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं. लेकिन आपको बता दें कि 26 नवंबर 1949 को कई बहस और चर्चे और संशोधनों के बाद इसका अंतिम रूप तैयार किया गया था. जिसके कारण इस दिन को कानून दिवस के रूप मनाया जाता था. हालांकि 2015 से कानून दिवस को संशोधित कर के संविधान दिवस घोषित कर दिया गया. 

संविधान का निर्माण

देश के संविधान के निर्माण में कुल 389 सदस्य शामिल थे. जिनमें से डॉ. बीआर अंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल समेत अन्य कई वरिष्ठ नेता शामिल थे. इस कमेटी की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई थी. जिसकी अध्यक्षता डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने की थी. इस कमेटी ने 26 नवंबर 1949 को अपना फाइनल संविधान पेश किया था. जिसमें देश चलाने के लिए तमाम कानून लिखित थे. 2014 तक इस दिन को कानून दिवस के रुप में मनाया जाता था. जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस दिन का नाम संशोधित कर दिया गया. 

26 नवंबर का दिन खास इसलिए भी है क्योंकि इस दिन बाबा. भीमराव आंबेडकर की जयंती भी है. जिन्होंने संविधान के निर्माण में काफी महत्वपूर्ण योगदान दिया है. लोगों की आवश्यकताओं और मांगों दोनों को ध्यान में रखते हुए एक ऐसी कानून की किताब बनाई जिससे सभी लोगों के साथ इंसाफ हुआ. पीएम मोदी सत्ता संभालने के बाद इस दिन को और भी भव्य रूप से मनाने लगें. उन्होंने इस दिन का नाम संविधान दिवस दिया जिसका उद्देश्य ये था कि नागरिकों में संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ सके.

संविधान के निर्माण के बाद लागू होने में क्यों लगा दो महीने का समय?

हम सभी जानते हैं कि संविधान को 26 जनवरी 1950 में लागू किया गया था. लेकिन इसका फाइनल कॉपी 26 नवंबर 1949 को ही तैयार कर लिया गया था. इस बीच दो महीने तक संविधान को इंग्लिश से हिंदी में ट्रांसलेट किया गया. इसके अलावा संविधान की जानकारी हर घर तक पहुंचाई गई. घूम-घूम कर संविधान कमेटी के लोगों ने इसकी शक्ति के बारे में लोगों को समझाया. जिसके बाद लोगों ने इसकी ताकत को समझा और इससे अपने जीवन में भी उतराना शुरू कर दिया. 

 

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